बीएचयू नेफ्रोलॉजी विभाग की ओपीडी अब सुपरस्पेशियलिटी ब्लॉक में चलाई जाएगी। इसके अलावा वार्ड, लैब को भी अस्थायी रूप से यहीं शिफ्ट किया गया है। चिकित्सा अधीक्षक प्रो. केके गुप्ता ने बताया कि नेफ्रोलॉजी ओपीडी एसएसबी बिल्डिंग में भूतल पर जी-30 से जी-33 में जबकि वार्ड और लैब ए ब्लॉक में तीसरे तल पर चलेगी। इसके अलावा हिमेटोलॉजी, रयूमेटोलॉजी, थैलेसीमिया, सिकल सेल एनीमिया की ओपीडी भी कमरा नंबर 210-213-213 की जगह क्रमश: 210-210 और 212 में स्थानांतरित हो गई हैं।
गठिया से परेशान मरीजों के लिए राहत भरी खबर है। अब बीएचयू अस्पताल में हर मंगलवार को गठिया रोग के मरीजों के लिए ओपीडी चलाई जाएगी। कमरा नंबर 108-ए में चलने वाली इस ओपीडी के चलने से मरीजों को बड़ी राहत होगी। विश्व ऑर्थराइटिस (गठिया) दिवस पर आयोजित कार्यक्रम में इसकी घोषणा की गई।
जीरियाट्रिक मेडिसिन विभाग के प्रोफेसर अनूप सिंह के देखरेख में हुए कार्यक्रम में लोगों को गठिया के कारण, बचाव के उपाय बताए गए। एमएस प्रो.केके गुप्ता ने बुजुर्ग मरीजों को छड़ी वितरित की। बताया कि हर मंगलवार को ओपीडी के शुरू होने से मरीजों को राहत होगी।
चिकित्सा विज्ञान संस्थान के निदेशक प्रो. बीआर मित्तल ने बताया कि चिकित्सकों की भारी कमी को देखते हुए जिरियाट्रिक मेडिसिन विभाग में जिरियाट्रिक रूमेटोलॉजी में फेलोशिप पाठ्यक्रम को स्वीकृति दे दी गयी है और जल्द ही यह पाठ्यक्रम शुरू हो जाएगा। प्रो. अनूप सिंह ने बताया कि जीरियाट्रिक मेडिसिन विभाग पूरे उत्तर प्रदेश का पहला विभाग है ।भारत सरकार स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय ने इस विभाग को रीजनल जिरियाट्रिक सेंटर की उपाधि दी है।