बीएचयू अस्पताल की इमरजेंसी में मरीजों को बेहतर सुविधाएं मुहैया कराने का दावा किया जाता है, लेकिन हकीकत इससे अलग है। दिन में तो जैसे-तैसे मरीज इलाज करवा ले रहे हैं, लेकिन रात में मरीजों को परेशान होना पड़ रहा है। रात में आईएमएस बीएचयू के निदेशक प्रो. एसएन संखवार के शुक्रवार की रात औचक निरीक्षण में कुछ ऐसी ही गड़बड़ी मिली है। इमरजेंसी में कोई सीनियर रेजिडेंट ही नहीं मिला। यहां केवल जूनियर रेजिडेंट ही मिले। अब संबंधित विभाग के अध्यक्ष को नोटिस जारी कर जवाब मांगने की तैयारी है।
बीएचयू अस्पताल में करीब 120 बेड वाली इमरजेंसी में वाराणसी के साथ ही आसपास के जिलों से हर दिन करीब 250 मरीज आते हैं। प्राथमिक उपचार के बाद मरीज को संबंधित वार्ड में शिफ्ट किया जाता है। ज्यादातर मरीज गंभीर बीमारी वाले आते हैं। दिन में तो किसी तरह मरीजों की देखभाल हो जा रही है लेकिन रात में इलाज कराना बहुत कठिन है।