बीएचयू में इलाज के लिए इंतजार करते मरीज
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कोलकाता के आरजी कर हॉस्पिटल में महिला डॉक्टर संग दरिंदगी के विरोध में बीएचयू अस्पताल, ट्रॉमा सेंटर में रेजिडेंट 13 अगस्त से हड़ताल पर हैं। ओपीडी, वार्ड से लेकर जांच केंद्र तक अपनी सेवा नहीं दे रहे हैं। इस कारण हर दिन बड़ी संख्या में मरीजों को बिना इलाज लौटना पड़ रहा है। सबसे अधिक परेशानी सर्जरी और जांच करवाने वालों को हो रही हैं।
दोपहर 2 बजे ही ओपीडी में पसरा सन्नाटा
बीएचयू में हड़ताल के नौवें दिन ओपीडी में कंसल्टेंट तो बैठे, मरीजों को लंबा इंतजार करना पड़ा। कार्डियोलॉजी, न्यूरोलॉजी, सर्जरी सहित अन्य विभागों में एक ही कंसल्टेंट के भरोसे ओपीडी चली। दोपहर में यहां एक-एक डॉक्टर ही बैठे रहे। मंगलवार को जहां 2395 मरीज देखे गए थे, वहीं बुधवार को 2220 मरीज ओपीडी में आए। दोपहर दो बजे ही ओपीडी में सन्नाटा हो गया।
नाक में नली लगाकर सीटी स्कैन के लिए बैठा रहा मरीज
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रॉबर्ट्सगंज निवासी मरीज सुरेश को परिजन सुबह 10 बजे लेकर आए। उसको गले के ऊपरी हिस्से में दर्द था। परिजनों ने बताया कि सुरेश को कुछ भी खाने पीने में ज्यादा तकलीफ हो रही थी। डॉक्टर ने पहले नाक में पाइप लगाकर इसी के रास्ते पानी आदि लिक्विड चीज खिलाने को बताया। सीटी स्कैन करवाने की सलाह भी दी। सुरेश ने बताया कि हड़ताल की वजह से करीब घंटे भर से अधिक समय तक इंतजार करना पड़ा।
एमआरआई करवाने के लिए भी घंटे भर का इंतजार
अस्पताल में बुधवार की दोपहर में एमआरआई के गेट पर अपनी मां को लेकर उसका बेटा स्ट्रेचर पर खड़ा रहा। पूछने पर बताया कि एमआरआई करवाना है। रेजिडेंट के न होने की वजह से अंदर मौजूद लोगों ने जांच में समय लगने की बात कही है। आगे की डेट भी मिलने की बात बताई गई, इसके बाद निवेदन कर बुधवार को ही एमआरआई करने को कहा, उसमें भी घंटे भर से अधिक इंतजार करना पड़ा।