संवेदनहीन व्यवस्था ने नहीं सुनी पीड़ित महिला की चीख-पुकार
बीएचयू के सर सुंदर लाल अस्पताल में जहां एक तरफ मरीजों को बेहतर सुविधाएं मुहैया कराने के लिए नई-नई योजनाएं शुरू की जा रही हैं। सुविधाओं और सहूलियतों के तमाम दावे किए जा रहे हैं, वहीं हकीकत की तस्वीर चौंकाने वाली है।
आयुर्वेद संकाय के स्त्री रोग विभाग में इलाज के लिए आई एक महिला बुधवार को लेबर रूम के सामने दर्द से तड़पती रही। ब्लीडिंग से हालत बिगड़ती जा रही थी। घरवाले दवा-इलाज के लिए डॉक्टर से गुहार लगा रहे थे लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई।
जांच के नाम पर इतना परेशान कर दिया गया कि महिला की जान पर बन आई। आखिरकार परिवारीजनों को कुछ नहीं सूझा तो उसे लेकर निजी अस्पताल भागे। अस्पताल के आयुर्वेद संकाय के स्त्री रोग विभाग के आपरेशन थिएटर के गेट पर यह वाकया दोपहर करीब तीन बजे का है।
ब्लीडिंग होने से महिला की हालत बिगड़ती जा रही थी। परिवारीजन परेशान थे। महिला की चीख-पुकार सुनकर तमाम इलाज कराने आए मरीजों-तीमारदारों की भीड़ जुट गई लेकिन परिवारीजनों की गुहार के बावजूद महिला को राहत के लिए दवा-इलाज मयस्सर नहीं हो पाया।
परिवारीजनों ने बताया कि वह सुबह आठ बजे से ही आए हैं। एक महिला डॉक्टर का नाम लेकर बताया कि उन्होंने पहले दो-तीन जांच कराने को कहा।