हृदय रोग विभाग के अध्यक्ष प्रो. ओमशंकर ने कहा कि कैथ लैब में मशीन खराब होने की सूचना एमएस ऑफिस को सप्ताह भर पहले ही दी जा चुकी है। सुपरस्पेशियलिटी ब्लॉक में विभाग के लैब को शुरू करने को कहा गया है, ताकि मरीजों की सर्जरी प्रभावित न हो। अब तक कोई ठोस निर्णय नहीं हुआ।
केस-1
चंदौली जिले के सैयदराजा निवासी सत्येंद्र कुमार (55) को कई दिन से सीने में दर्द हो रहा था। हृदय रोग विभाग में दिखाया तो चिकित्सक ने एंजियोग्राफी की सलाह दी। पत्नी ने बताया कि 14 जून की डेट मिली थी, उस दिन आने पर पता चला कि मशीन खराब है। फिर 21 जून को बुलाया गया था, तब भी मशीन नहीं बन पाई।
केस-2
पहड़िया निवासी राघवेंद्र को महीने भर पहले सीने में दर्द हुआ था। प्रो. ओमशंकर को दिखाया तो उन्होंने भर्ती कर कुछ दिन इलाज किया, फिर एंजियोग्राफी की। बीमारी पकड़ में आने के बाद मंगलवार को एंजियोप्लास्टी होनी थी। जो कि मशीन खराब होने की वजह से नहीं हो सकी।