फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

BHU अस्पताल प्रकरण: महिला डॉक्टर व्हाट्सएप मैसेज से फर्जी इंटर्न को बताती थी ड्यूटी, पढ़ें फर्जीवाड़े की कहानी

Mon, 23 Jan 2023 10:17 AM IST
उत्पल कांत न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी

सार

बीएचयू आईएमएस से धोखाधड़ी का एक बड़ा मामला सामने आया है। जिसमें चार डॉक्टरों (एमबीबीएस इंटर्न) सहित सात के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। आरोप है कि एमबीबीएस इंटर्न अपनी जगह दूसरे व कम डिग्री वाले लोगों ने इंटर्नशिप करा रहे थे। पूछताछ में कई खुलासे हो रहे हैं।  
विज्ञापन
पकड़े गए फर्जी इंटर्न - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी (बीएचयू) अस्पताल के डॉक्टरों (एमबीबीएस इंटर्न) ने व्हाट्स एप को हथियार बनाया था। डॉक्टरों की ड्यूटी जब भी वार्ड, ट्रामा सेंटर और ओपीडी में लगती थी, तब फर्जी इंटर्न को व्हाट्सएप संदेश के जरिये सूचना देते थे। बताते थे कि छह घंटे ड्यूटी करनी है। महिला डॉक्टर की फर्जी इंटर्न प्रीति चौहान के साथ व्हाट्सएप चैट मिली है। इसे प्रॉक्टोरियल बोर्ड ने सुरक्षित रखा है।

विज्ञापन


महिला डॉक्टर ने लिखा कि प्रीति (फर्जी इंटर्न) तुम्हें मोहित (फर्जी इंटर्न) ने बताया कि 14-18 तक ऑर्थो पोस्टिंग करनी है मेरी? इस पर प्रीति ने लिखा कि जी मैम। भइया ने अभी बताया हमें... तो कितने बजे से कितने बजे तक रहेगा समय। इस पर महिला डॉक्टर ने लिखा कि सुबह 9 बजे से दोपहर 3 बजे तक ड्यूटी रहेगी। बीच में लंच ब्रेक भी मिलेगा।

लंबे समय से चल रहा था यह  सिलसिला

डॉक्टर फंसे ना और फर्जीवाड़े से बचे रहें, इसलिए फर्जी इंटर्न से दूरी बनाए रखी। व्हाट्सएप कॉल पर ही बात की और दिशा-निर्देश देते रहे। यही नहीं, हर दिन का मेहनताना भी नकद नहीं दिया जाता था। यूपीआई एप के जरिये सीधे फर्जी इंटर्न के बैंक खाते में भेज दिया जाता था। यह सिलसिला लंबे समय से चल रहा था।
पढ़ें: बीएचयू अस्पताल के चार डॉक्टरों सहित सात के खिलाफ मुकदमा दर्ज, तीन लोगों से फर्जी तरीके से करा रहे थे ड्यूटी      

विज्ञापन

मास्टर माइंड बताए जा रहे मोहित ने तीन डॉक्टरों के नाम पर ड्यूटी की है। आईएमएस बीएचयू प्रशासन की ओर से ट्रामा सेंटर के पूर्व इंचार्ज प्रो. संजीव गुप्ता की अध्यक्षता में जांच कमेटी बनाई गई है। इस कमेटी ने आरोपी डॉक्टरों के बयान दर्ज किए हैं, जबकि उनकी जगह ड्यूटी करने वाले फर्जी इंटर्न से जांच कमेटी का कोई संपर्क नहीं हो पाया। जानकारी के अनुसार, अभी दो डॉक्टरों के बयान दर्ज हुए हैं। दो और के बयान जल्द दर्ज होंगे।
पढ़ें: बीएचयू अस्पताल में फर्जी इंटर्न का मामला PMO और स्वास्थ्य मंत्री तक पहुंचा, कार्रवाई की मांग 

कार्रवाई ऐसी होगी कि हर कोई याद करेगा    

बीएचयू कुलपति प्रो.सुधीर कुमार जैन - फोटो : अमर उजाला
बीएचयू कुलपति प्रो. सुधीर कुमार जैन ने कहा कि बीएचयू अस्पताल की यह घटना बहुत ही गंभीर है। इस तरह की घटनाओं से विश्वविद्यालय की छवि धूमिल होती है। गलत कार्यों को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। मामले में दोषियों के खिलाफ ऐसी कार्रवाई की जाएगी कि हर कोई याद करेगा।        

ये है पूरा मामला

बीएचयू अस्पताल से तीन फर्जी इंटर्न (मोहित, अभिषेक व प्रीति) को लंका पुलिस के हवाले किया गया था। पुलिस ने पूछताछ की तो पता चला कि तीनों अलग-अलग डॉक्टरों के नाम पर ड्यूटी कर रहे थे। इस मामले में सुरक्षाधिकारी ने चार डॉक्टरों व तीन फर्जी इंटर्न के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया है।
पढ़ें: एक..दो..तीन नहीं, अभी और भी हैं कई फर्जी इंटर्न, पूछताछ में खुले कई राज, पुलिस चौकन्नी  
विज्ञापन

पुलिस मामले की जांच कर रही है। बीएचयू के सीएमओ से पूरे मामले की रिपोर्ट मांगी गई है। इस मामले में डॉ नितिन, डॉ सौमिक डे व डॉ कृति अरोड़ा को नामजद किया गया। प्रॉक्टोरियल बोर्ड की जांच से पता कि फर्जी इंटर्न की पढ़ाई सामान्य है। कोई एमबीबीएस नहीं है।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें