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UP : भारत के बौद्ध सर्किट में बढ़ेंगे विदेशी पर्यटक, जापान के विवि और BHU में समझाैते पर बनी सहमति; जानें खास

Thu, 26 Dec 2024 12:59 PM IST
अमन विश्वकर्मा अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी।

सार

Varanasi News : जापान के तकाराजुका विश्वविद्यालय के साथ अब बीएचयू समझौता करेगा। इससे बाैद्ध सर्किट में विदेशी पर्यटकों की भी संख्या बढ़ेगी। स्थानीय संसाधनों और पारंपरिक शिल्प की वजह से यहां पर दुनिया भर के पर्यटक आते हैं। इस एमओयू से बनारस को भी काफी लाख मिलेगा।
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हाइब्रिड मोड सेमिनार में जापान और बीएचयू के छात्र। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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बनारस के सारनाथ समेत भारत के बौद्ध सर्किट में विदेशी पर्यटकों की संख्या बढ़ाने को लेकर बीएचयू जापान के तकाराजुका विश्वविद्यालय के साथ समझौता करेगा। यूपी और बिहार के सात और नेपाल के एकमात्र बौद्ध स्थल में निवेश बढ़ाया जाएगा। बनारस और जापान की सांस्कृतिक और आध्यात्मिक विरासत की एक सूची तैयार कर रिसर्च होगा।

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तकाराजुका विश्वविद्यालय में हिंदी भाषा की पढ़ाई होगी। बीएचयू के छात्र जापान और वहां के छात्र यहां पर आकर एक मंच पर चर्चा करेंगे। जापान के पर्यटन विकास का मॉडल काशी और पूरे बौद्ध परिपथ में लागू किया जाएगा। इससे जापान से बनारस आने वाले वाले बौद्ध पर्यटकों की संख्या बढ़ेगी।
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बीएचयू में बुधवार को जापानी छात्रों और प्रोफेसरों के साथ हाइब्रिड मोड में एक कॉन्फ्रेंस का आयोजन किया गया। इसी में इस सहयोग को लेकर सहमति बनी है। सेमिनार में जापान के सबसे खूबसूरत शहरों में से एक मियाकोजिमा के पर्यटन मॉडल पर चर्चा हुई। बताया गया कि स्थानीय संसाधनों और पारंपरिक शिल्प की वजह से यहां पर दुनिया भर के पर्यटक आते हैं।

कोविड से पहले ही घटे पर्यटक
सेमिनार के आयोजक पर्यटन विशेषज्ञ डॉ. राणा प्रवीन ने कहा कि अभी भी बनारस और भारत में जापानी पर्यटकों का काफी कम हिस्सा है। जबकि, बनारस जैसे विदेशी और घरेलू पर्यटक जापान के किसी भी एक शहर में नहीं आते। 2019 तक भारत में 2.38 लाख जापानी पर्यटक आते थे, लेकिन 2020 तक ये संख्या 50 हजार तक सीमित हो गई।

चीन की ओर जा रहे जापानी पर्यटक
डॉ. राणा ने कहा कि जापानी पर्यटकों की कमी के पीछे रिसर्च करने पर पता चला कि उन्हें जो भी सहूलियत काशी या भारत में चाहिए, वो नहीं मिल पाती। इससे जापान के काफी पर्यटक बौद्ध टूरिज्म के लिए चीन चले जा रहे हैं। हमें इसी ट्रेंड को रोकना है। इसके लिए अब सहयोग की खासा जरूरत है। इंडिया-जापान 2025 विजन तैयार किया गया था। बौद्ध सर्किट पर जापान काफी पैसा निवेश कर रहा है। ये निवेश बनारस और भारत भर के बौद्ध स्थलों तक तेजी से लाना होगा।
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दिखाया गया सबसे खूबसूरत शहर का पर्यटन मॉडल
सेमिनार में कला संकाय के प्रमुख प्रो. माया शंकर पांडेय और कई विशेषज्ञ मौजूद थे। इनमें शामिल श्रीलंका के छात्र निरदुसा शांतिकुमार और बीएचयू के उज्जवल झा ने कहा कि इस सहयाेग के तहत स्नातक, परा स्नातक और संयुक्त पीएचडी प्रोग्राम शुरू करने होंगे। स्कॉलरशिप और एक्सचेंज प्रोग्राम को भी बढ़ाना होगा। 

म्यांमार के प्या फ्यो थांट ने कहा कि जापान के पर्यटन उद्योग ने यहां की संस्कृति और अंतरराष्ट्रीय बाजार को भी प्रभावित किया है। जापान के शहर मियाकोजिमा पर म्यांमार के हितू मायात ह्विंग ने कहा कि ये एक द्वीप पर बसे विश्व के सबसे खूबसूरत शहरों में से एक है। इसकी भौगोलिक और उष्ण कटिबंधीय जलवायु भी इसकी खूबसूरती को बढ़ाती है। बीएचयू के छात्र शशांक कुमार और अनन्य लखेरा ने बताया कि छठवीं शताब्दी में भारत से ही बौद्ध धर्म जापान में गया। इसलिए जापान भारत में बौद्ध सर्किट पर निवेश करता है।
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