किडनी, लिवर से लेकर नसों को नुकसान पहुंचाता है
जिला अस्पताल के फिजिशियन डॉ. पीके सिंह ने बताया कि चीन के लहसुन के सेवन से लिवर, किडनी और नसों को नुकसान होता है। वहीं, आंखों की रोशनी भी प्रभावित होती है। पेट में दर्द, सूजन और गैस्ट्राइटिस जैसी बीमारी होती है। इसमें मेटाइल ब्रोमाइड नामक जहरीला केमिकल भी होता है। इसमें सिंथेटिक पदार्थों का उपयोग किया जाता है।
जुर्माने तक कार्रवाई, असली मालिक नहीं पकड़ में आए
छह दिन पहले पहड़िया मंडी सचिव विपुल कुमार ने गोलगड्डा में छापा मारकर 63 क्विंटल प्रतिबंधित चीन के लहसुन की खेप पकड़ी थी। चालक किसी तरह का कोई कागजात नहीं दिखा सका। कानपुर निवासी अखिलेश कुमार ने बताया कि मोतिहारी बिहार से लहसुन लोड हुआ था। कौन लोड कराया, किसे अनलोड करना था, यह सब रहस्य ही बना हुआ है।
इसके पूर्व अक्तूबर माह में भी विशेश्वरगंज मंडी से एक गाड़ी चीन के लहसुन की खेप पकड़ी थी। सितंबर माह में खाद्य सुरक्षा औषधि प्रशासन की ओर से धर पकड़ के लिए तीन टीमें गठित हुई थी। चीन के लहसुन की तस्करी बिहार और नेपाल के रास्ते हो रही है। नेपाल के सुनौली बाॅर्डर के रास्ते इसे लेकर गाड़ियां उत्तर प्रदेश की सीमा में प्रवेश कर रही हैं।
बोले अधिकारी
गोलगड्डा से बरामद चीन के लहसुन का सैंपल लखनऊ स्थित प्रयोगशाला भेजा गया है। उसकी जांच रिपोर्ट अब तक नहीं आई है। टीमें लगातार जांच अभियान चला रही हैं। - कौशलेंद्र सिंह, सहायक आयुक्त, खाद्य सुरक्षा औषधि प्रशासन