अब शोध छात्रा की ओर से गुरुवार को दीक्षांत समारोह में पीएचडी की डिग्री पाने के बाद छेड़खानी, धमकी सहित अन्य मामले में मुकदमा दर्ज कराने के बाद मामले में नया मोड़ आ गया है। 2017 का जो पत्र सामने आया है, उसमें एक ओर जहां पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।
वहीं प्रो. चौधरी का कहना है कि इस मामले में दो बार विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से क्लीन चिट दिया जा चुका है। विभाग के ही एक सीनियर प्रोफेसर की साजिश बताते हुए कहा कि जांच में सब कुछ साफ हो जाएगा। साथ ही कहा कि मी टू जैसा कोई मामला नहीं है।