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बीएचयू: दिव्यांगों को निशुल्क भोजन, यूजी-पीजी और डिप्लोमा छात्रों को हर साल दिए जाएंगे 9000 रुपये

Sat, 03 Oct 2026 11:06 AM IST
Pragati Chand अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी।

सार

वाराणसी में मेधावी और गरीबों को रियायती रेट 70 रुपये में दो वक्त का खाना मिलेगा। वहीं कार्ड धारकों को हर साल 25 हजार और देख-सुन पाने में अक्षम छात्रों को 10 हजार सालाना आर्थिक सहायता दी जाएगी।
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बनारस हिंदी विश्वविद्यालय, BHU - फोटो : X (@bhupro)
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विस्तार
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बीएचयू में अब दिव्यांग छात्रों को फ्री और गरीब-मेधावियों को रियायती रेट पर खाना मिलेगा। 70 रुपये में एक दिन यानी कि दोनों वक्त के भोजन की व्यवस्था होगी। दूसरी ओर आम यूजी-पीजी विद्यार्थी को अर्न व्हाईल लर्न स्कीम की मदद से हर साल 9000 रुपये दिए जाएंगे। इसे राष्ट्रीय शिक्षा नीति के साथ जोड़ा गया है। 

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देख-सुन न पाने वाले छात्रों को 10 हजार रुपये की वार्षिक आर्थिक सहायता दी जाएगी। अंत्योदय अन्न योजना (एएवाई) धारक विद्यार्थियों को 25 हजार रुपये हर साल होगी। शुक्रवार को कुलपति प्रो. अजित कुमार चतुर्वेदी ने ये घोषणाएं कीं।

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बीएचयू में शुक्रवार को गांधी-शास्त्री जयंती पर छात्र कल्याण स्कीम जारी कर बताया गया कि दिव्यांगों को शुक्रवार से लेकर 30 जून 2027 कुल नौ महीने या जब तक परीक्षा समाप्त नहीं होगी तब तक फ्री भोजन मिलेगा। मेधावियों और आर्थिक रूप से कमजोर छात्रों को हर दिन 70 रुपये में भोजन मिलेगा। संकाय की ओर से भेजे गए डिटेल के आधार पर ही छात्रों को 30 जून 2027 तक यह सुविधा मिलेगी।

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विद्यार्थियों की होगी अपनी स्टैंडिंग कमेटी
इसके अलावा विद्यार्थियों के मामलों के लिए समिति बनेगी। इसमें छात्र क्लब के माध्यम से होने वाले सभी करिकुलर गतिविधियों को पूरा करने के लिए स्टैंडिंग कमेटी बनाई जाएगी। इसके अलावा दिव्यांग छात्राओं को सिलाई मशीन प्रशिक्षण कार्यक्रम और ऐसे सभी विद्यार्थियों को जरूरी उपकरण उपलब्ध कराए जाएंगे। शुक्रवार को मालवीय भवन में गांधी-शास्त्री जयंती कार्यक्रम में ऑनलाइन जुड़े कुलपति प्रो. अजित कुमार चतुर्वेदी ने कहा कि गांधी जी का जीवन सिर्फ अहिंसा तक सीमित नहीं था, बल्कि उसमें सामाजिक, आर्थिक और राष्ट्रीय जीवन से जुड़े अनेक पक्षों की प्रेरणा मिलती है।
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