काशी हिंदू विश्वविद्यालय (बीएचयू) के स्थापना समारोह में देश के राजा-महाराजा शामिल हुए थे। प्रो़. विनोद जायसवाल ने बताया कि अंग्रेजी कैलेंडर के अनुसार बीएचयू का 109वां स्थापना दिवस मनाया जा रहा है। ब्रिटिश भारतीय इतिहास में यह समारोह विशिष्ट स्थान रखता है। सन 1903 और 1911 के दिल्ली दरबार समारोह के बाद इस समारोह में बड़ी संख्या में देश के राजा-रजवाड़े इकट्ठा हुए थे। तत्कालीन वायसराय लॉर्ड हार्डिंग ने शिलान्यास कार्यक्रम को संबोधित किया था।
- प्रताप सिंह बहादुर, जम्मू और कश्मीर के महाराजा
- सुमेर सिंह बहादुर, महाराजा जोधपुर
- गंगा सिंह बहादुर, महाराजा बीकानेर
- उम्मेद सिंह बहादुर, महाराजा कोटा
- मदन सिंह बहादुर, महाराजा किशनगढ़
- लोकेंद्र गोविंद सिंह बहादुर, दतिया के महाराजा
- महाराजा सर, प्रभुनारायण सिंह बहादुर, महाराजा बनारस
- लॉर्ड, कर्माइकल, बंगाल के गवर्नर
- महाराजाधिराज सर, रमेश्वर सिंह बहादुर, दरभंगा के महाराजा
- महाराजा अलवर जयसिंह बहादुर
- यूनाइटेड प्रोविंस ऑफ आगरा जेम्स स्कूर्जि मेस्टन
- पंजाब के लेफ्टिनेंट गवर्नर माइकल ओ'ड्वायर
- बिहार और उड़ीसा के लेफ्टिनेंट गवर्नर एडवर्ट गेट
महाराजा बीकानेर की अध्यक्षता में हुई थी संगोष्ठी
पांच फरवरी को महामना की उपस्थिति और बीकानेर के महाराजा सर गंगा सिंह बहादुर की अध्यक्षता में व्याख्यान हुआ। इसमें 1- ‘एग्रीकल्चरल कोऑपरेशन इन डेनमार्क’ (राय चंद्रिका प्रसाद त्रिपाठी), 2-‘अ प्ली फॉर अ फैकल्टी ऑफ टेक्नोलॉजी इन द हिंदू यूनिवर्सिटी’ (बड़ौदा टेक्निकल इंस्टीट्यूट के प्रोफेसर सीएच वोरा), 3- ‘कॉमर्स एंड कॉमर्शियल एजुकेशन’ (लल्लूभाई सामलदास), 4- ‘एग्रीकल्चर एज अ प्रोफेशन’ (राय गंगाराम बहादुर) और 5- ‘द इकनॉमिक डेवलेपमेंट आफ इंडियन एग्रीकल्चर’ (प्रो. सैम हिग्गिनबॉटम) लोग शामिल रहे। संगमरमरी शिलापट्ट पर संस्कृत में निम्नलिखित अभिलेख उकेरा गया है। माघे शुक्ले प्रतिपदि तिथौ शुक्रवारे शिलाया, न्यासं काश्यां द्वगनवमही-सम्मिते विक्रमाब्दे। प्राञ्चं धर्मं परिफलयितुं विश्वविद्यालयस्या, कार्षीत् सम्राट्प्रतिनिधिवरो लार्डहार्डिङ् सुकीर्ति:॥ इसे सेंट्रल हिंदू कॉलेज़ के प्राचार्य और प्रख्यात दार्शनिक डॉ. भगवानदास (1869-1958) ने लिखा था।