छात्र अधिष्ठाता कार्यालय पर धरने पर बैठे नीरज का कहना है कि बीएचयू प्रशासन को जो उन्होंने मांग पत्र दिया है उस पर जब तक कार्यवाही नहीं हो जाएगी तब तक धरना चलता रहेगा। बढ़ते कोरोना संक्रमण और बाढ़ के प्रकोप को देखते हुए बीएचयू प्रशासन को किसी तरह की प्रवेश परीक्षा नहीं करानी चाहिए।
इसके लिए शिक्षा मंत्री, कुलपति के साथ ही बिहार के मुख्यमंत्री को भी पत्र भेजा जा चुका है। बताया कि मंगलवार को पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को पत्र भेजकर वहां बीएचयू की प्रवेश परीक्षा न कराने की मांग की गई हैं।
पहला चरण: 24 अगस्त से 31 अगस्त तक
सभी स्नातकोत्तर पाठ्यक्रमों एवं स्नातक स्तर के एलएलबी, बीएड/बीएड स्पेशल एजुकेशन तथा बीपीएड, बीएफए एवं बीपीए पाठ्यक्रमों की परीक्षाएं करायी जाएगीं।
दूसरा चरण: 9 से 18 सितंबर तक
स्नातक स्तर के शेष पाठ्यक्रमों - बीए (ऑनर्स) आर्ट्स, बीए (ऑनर्स) सोशल साइंसेज, बीकॉम (ऑनर्स)/बीकॉम-एफएमएम, बीएससी (ऑनर्स) एजी, बीए एलएलबी (ऑनर्स), बीएससी (ऑनर्स) मैथ, बीएससी (ऑनर्स) बायो, शास्त्री (ऑनर्स) एवं बीवोक के विभिन्न पाठ्यक्रमों में प्रवेश हेतु परीक्षाएं कराई जाएगीं।