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बीएचयू इमरजेंसी मरीजों से फुलः एक ही मेज पर इलाज करा रहे दोनों बच्चों को मिला बेड, व्यवस्था में बदलाव की कवायद

Fri, 03 Sep 2021 05:29 PM IST
हरि User न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी

सार

बीएचयू अस्पताल की इमरजेंसी का हाल पिछले कई दिनों से खराब है। तीनों मंजिल पर बने वार्ड मरीजों से भरे पड़े हैं। एक मेज पर दो नवजात बच्चों के इलाज की खबर अमर उजाला अखबार में छपने के बाद व्यवस्था में बदलाव की कवायद शुरू हो गई है।
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एक ही मेज पर भर्ती दो नवजात, दूसरे दिन उसे हटाकर पंजीकरण की व्यवस्था हुई शुरू। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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वाराणसी स्थित बीएचयू अस्पताल की इमरजेंसी के चिल्ड्रेन वार्ड में एक मेज पर दो नवजात बच्चों के इलाज की खबर अमर उजाला अखबार में छपने के बाद व्यवस्था में बदलाव की कवायद शुरू हो गई है। चिल्ड्रेन वार्ड से मेज हटवा दी गई। वहां पर अब बेड लगा दिया गया है। यही नहीं अब इस वार्ड में भर्ती के लिए आने वाले बच्चों के परिजनों को पंजीकरण के लिए भटकना नहीं पड़ेगा। वार्ड के गेट पर ही पंजीकरण की व्यवस्था कर दी गई है।

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बीएचयू में मरीजों से भरें हैं वार्ड
 बीएचयू अस्पताल की इमरजेंसी का हाल पिछले कई दिनों से खराब है। तीनों मंजिल पर बने वार्ड मरीजों से भरे पड़े हैं। भूतल पर तो बहुत से मरीज स्ट्रेचर पर ही पड़े हैं। सबसे ज्यादा परेशानी बच्चों को हो रही है। इमरजेंसी के चिल्ड्रेन वार्ड के सभी बेड भरने के साथ ही एनआईसीयू में भी जगह नहीं मिल पा रही है। लिहाजा नवजात से लेकर दस से पंद्रह साल तक के बच्चों को भर्ती कराने में परिजनों को कड़ी मशक्कत करनी पड़ रही है।

अमर उजाला में बृहस्पतिवार को खबर छपने के बाद बाल रोग विभाग के अध्यक्ष प्रो. सुनील राव दोपहर करीब साढ़े बारह बजे इमरजेंसी के चिल्ड्रेन वार्ड पहुंचे। ड्यूटी पर तैनात रेजिडेंट से पहले भर्ती बच्चों के बारे में जानकारी ली। इसके बाद उन्होंने जिन मेज पर नवजात को रखा गया था, उसे तत्काल हटवा दिया। 

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