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BHU में बीफ के सवाल पर बवाल: APRO को छात्र ने दी देख लेने की धमकी, कहा- मिलेंगे तो बहुत बुरा हाल हो जाएगा...

Thu, 20 Oct 2022 05:38 PM IST
उत्पल कांत न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी

सार

बीएचयू इन दिनों चर्चा में बना हुआ है। आयुर्वेद संकाय के छात्र पीजी की सीट बढ़ाने की मांग को लेकर प्रर्दशन कर रहे हैं। फीस वृद्धि के खिलाफ भी छात्र संगठन आंदोलन कर रहे हैं। इसी बीच बैचलर ऑफ वोकेशनल कोर्स की सेमेस्टर परीक्षा में बीफ से संबंधित  एक सवाल को लेकर बवाल मच गया है। 
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बीएचयू के एपीआरओ चंद्रशेखर - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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काशी हिंदू विश्वविद्यालय (बीएचयू) में बैचलर ऑफ वोकेशनल कोर्स की सेमेस्टर परीक्षा में बीएफ के वर्गीकरण वाले सवाल पर छात्रों और बीएचयू प्रशासन के बीच रार बढ़ती जा रही है। अब मामले ने अधिक तूल पकड़ लिया है। गुरुवार को एक छात्र ने इस मामले में बयान देने के बाद एपीआरओ (सहायक सूचना एवं जनसंपर्क अधिकारी) को फोन कर धमकी भी दी है।  उन्हें कहा कि सुधर जाइए नहीं तो मिलेंगे तो बहुत बुरा हाल हो जाएगा। एपीआरओ चंद्रशेखर ग्वाड़ी ने लंका थाने में पत्र लिखकर संबंधित छात्र पर मुकदमा दर्ज करने की मांग की है।  

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बीफ को लेकर विवाद देश में आए दिन कहीं ना कहीं निकल ही आता है। कभी इसे खाने को लेकर तो कभी इससे जुड़े सवालों को लेकर। ताजा मामला बीएचयू का है। विश्वविद्यालय में बी-वॉक की सेमेस्टर परीक्षा में बीफ के वर्गी कारण का सवाल पूछने के बाद अब हर कोई विरोध कर रहा है। यह प्रश्नपत्र सोशल मीडिया पर भी वायरल हो रहा है।

छात्रों ने बुधवार को कुलसचिव से मिलकर ज्ञापन सौंपकर जांच की मांग की थी। गुरुवार को अपने को छात्र बताते हुए एक युवक ने एपीआरओ को फोन किया। एपीआरओ चंद्रशेखर का कहना है कि फोन करने वाले ने अपना दिनेश बताया है। उसने बीफ के मामले में बयानबाजी करने पर आपत्ति जताई और देख लेने की धमकी भी दी है।

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मुद्दे को जानबूझ कर तूल दे रहे लोग

 कहा कि आपको लंका गेट पर जूते की माला पहनाकर दौड़ाकर मारना चाहिए। यहीं नहीं कुलपति के बारे में भी बहुत आपत्तिजनक बातें कहीं। एपीआरओ ने बातचीत के ऑडियो के साथ ही पुलिस को तहरीर दी है। इसकी कॉपी कु लसचिव, सहायक कुलसचिव, चीफ प्रॉक्टर को भी दी है।
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वीडियो जारी कर एपीआरओ ने बताया कि नियमानुसार बैचलर आफ वोकेशनल कोर्स चलाया जा रहा है। परीक्षा में जो भी सवाल पूछे गए हैं, वह पाठ्यक्रम के हिस्से हैं। कुछ लोग इस मुद्दे को लेकर जान बूझकर तूल देने में लगे हैं। यह बहुत दुर्भाग्यपूर्ण है। 
 
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