बीएचयू परिसर में छेड़खानी, मारपीट की घटनाओं पर अंकुश के लिए सुरक्षा इंतजामों को पुख्ता बनाने में जुटे विश्वविद्यालय प्रशासन ने एक और सख्त कदम उठाया है। परिसर में रात दस बजे के बाद सिर्फ मुख्य द्वार से ही प्रवेश दिया जाएगा।
परिसर के बाकी द्वार रात दस से सुबह पांच बजे तक बंद रहेंगे। इन द्वारों पर वायरलेस से लैस विश्वविद्यालय के दो-दो सुरक्षाकर्मी चौबीस घंटे तैनात रहेंगे। कुछ गेटों पर पहले से कैमरे लगे हैं, बाकी गेटों पर भी जल्द ही कैमरे लगाकर उन्हें चीफ प्राक्टर कार्यालय में बन रहे कंट्रोल कमांड रूम से जोड़ा जाएगा।
बीएचयू अस्पताल आने वाले मरीजों, तीमारदारों के लिए प्रवेश की व्यवस्था पूर्ववत बनी रहेगी। बीएचयू के सिंह द्वार (मुख्य प्रवेश द्वार) के अलावा परिसर की चहारदीवारी से लगे सात प्रवेश द्वार हैं।
सीर गेट, नरिया गेट एक, नरिया गेट दो, छित्तूपुर गेट, हैदराबाद गेट, करौंदी गेट और सर सुंदरलाल अस्पताल गेट। मुख्य द्वार और अस्पताल गेट के अलावा बाकी प्रवेश द्वारों को रात दस बजे बंद कर देने का नियम पहले से है लेकिन उसका पालन नहीं हो रहा था।
पिछले दिनों अंग्रेजी विभाग के पास छात्रा से छेड़खानी में दो बाहरी युवक पकड़े गए थे। चीफ प्राक्टर प्रो. रोयाना सिंह ने बताया कि रात दस बजे के बाद बाहरी लोग परिसर में प्रवेश नहीं करेंगे।
अपरिहार्य स्थिति में मुख्य द्वार से वे आ-जा सकेंगे। बाकी गेटों को रात दस बजे बंद करने का निर्देश चस्पा करा दिया गया है। छात्र-छात्राओं को भी ताकीद की गई है कि नियमों का अनुपालन कर सुरक्षा व्यवस्था में सहयोग करें।