इसके पीछे उन्होंने अधिकांश समय तक ऑनलाइन कक्षाएं चलाए जाने का हवाला दिया था। कुलपति आवास पर सात दिन तक धरने के बाद बुधवार शाम को केंद्रीय कार्यालय पर इसी मांग को लेकर उनकी सुरक्षाकर्मियों के साथ ही नोकझोंक हुई थी। छात्रों ने सुरक्षाकर्मियों पर पिटाई का आरोप लगाते हुए मुख्य द्वार बंद कर धरना दिया। पूरी रात छात्र धरने पर बैठे रहे।
बुधवार शाम से धरने पर बैठे छात्रों का धरना बृहस्पतिवार को भी दिन भर जारी रहा। मुख्य द्वार के बंद होने की वजह से अस्पताल में आने वाले मरीजों को परेशानी झेलनी पड़ी। दोपहर में कुछ समय के लिए मुख्य द्वार के दोनों किनारे पर बने छोटे गेट भी बंद रहे।
इस वजह से दूर दराज से आने वाले मरीज अंदर नहीं जा सके। कुछ देर बाद छोटे गेट तो खुले लेकिन मुख्य द्वार बंद रहा। अब शाम को प्रॉक्टर डॉ.धीरेंद्र राय ने यहां आकर विश्वविद्यालय प्रशासन के फैसले की जानकारी दी तब जाकर छात्र माने।
बीएचयू के चीफ प्रॉक्टर प्रो. बीसी कॉपरी ने कहा कि संकाय प्रमुख, निदेशकों की बैठक में छात्रों की सुविधा के लिए ऑनलाइन, ऑफलाइन दोनों माध्यम में परीक्षा का निर्णय लिया गया है। इसके लिए संबंधित संकाय में छात्र को आवेदन करना होगा। नियमानुसार जो भी व्यवस्था होगी, वह कराई जाएगी। छात्रों को इसकी जानकारी दी गई तो उन्होंने तुरंत धरना खत्म कर दिया।