बीएचयू के विधि संकाय में शुरू हो रहे दो वैल्यू एडेड कोर्स में 100 साल तक के पुराने कोर्ट केस पढ़ाए जाएंगे। इसमें 1916 से लेकर 2018 तक के न्यायालय के 31 बड़े मामलों की केस स्टडी को शामिल किया गया है। पहला कोर्स बौद्धिक संपदा अधिकार के मूल अधिकार और दूसरा भारतीय सांविधानिक मूल्य व मूल कर्तव्यों का होगा। ये दो-दो क्रेडिट के कोर्स होंगे। इसमें 30 घंटे की कुल कक्षा होगी। इसमें 20 घंटे का लेक्चर और 10 घंटे की केस स्टडी होगी।
इन कोर्स में किसी भी विषय से स्नातक कर रहा कोई भी छात्र प्रवेश ले सकता है। ये दोनों कोर्स आगामी सत्र में शुरू हो जाएंगे। इन कोर्स के तहत संविधान, संसद और न्यायालय तक की समीक्षाओं पर अध्ययन कराया जाएगा।
पेप्सी-कोला और डाबर-कोलगेट भी पढ़ेंगे छात्र
पहले कोर्स में सबसे पुराना केस 1916 का यूनिवर्सिटी ऑफ लंदन बनाम यूनिवर्सिटी ट्यूटोरियल प्रेस को पढ़ाया जाएगा। 1978 का आरजी आनंद बनाम फिल्म्स, 2008 का सुपर कैसेट बनाम निरूलस कॉर्नर हाउस, 1984 का ग्रामोफोन बनाम बारेद्र, मनु भंडारी बनाम कला विकास पिक्चर, 2005 का अमर नाथ सहगल बनाम यूनियन ऑफ इंडिया, 1980 का डायमंड बनाम चक्रवर्ती, 2003 का पेप्सी बनाम हिंदुस्तान कोकाकोला, 2004 का डाबर इंडिया बनाम कोलगेट सहित 20 प्रसिद्ध कोर्ट केस का अध्ययन कराया जाएगा। ये सभी केस बौद्धिक संपदा अधिकार से जुड़े थे।
केशवानंद और मेनका गांधी का केस पढ़ेंगे छात्र
सांविधानिक मूल्यों पर आधारित कोर्ट के फैसलों को भी पढ़ाया जाएगा। इसमें सबसे प्रसिद्ध 1973 का केशवानंद भारती बनाम केरल राज्य को पढ़ाया जाएगा। इसमें 13 न्यायाधीशों की पीठ ने संविधान में संशोधन के अधिकार पर यह कहते हुए रोक लगाई थी कि इससे संविधान के मूल ढांचे को नुकसान न पहुंचे। दूसरा केस 1978 का मेनका गांधी बनाम यूनियन ऑफ इंडिया में अनुच्छेद 21 निजता के अधिकार और संसद के असीमित शक्तियों पर नियंत्रण के साथ ही नीति निदेशक तत्व और अधिकारों के बीच समन्वयन बनाने वाले केस 1980 के मिनर्वा मिल बनाम यूनियन ऑफ इंडिया को शामिल किया गया है। निरपेक्षता, लैंगिक समानता, न्यायिक समीक्षा, प्राइवेसी और डिग्निटी आदि के बड़े विख्यात मामलों की पढ़ाई की जाएगी।
दूसरे कोर्स में ये विख्यात केस भी होंगे शामिल
- स्टेट बोम्मई बनाम यूनियन ऑफ इंडिया 1994- निरपेक्षता
- विशाखा बनाम राजस्थान राज्य 1997- लैंगिक समानता और संवैधानिक नैतिकता
- आईआर कोएल्हो बनाम तमिलनाडु राज्य- न्यायिक समीक्षा और संवैधानिक सीमा
- जस्टिस केएस पुट्टास्वामी बनाम यूनियन ऑफ इंडिया- प्राइवेसी और डिग्निटी
- नवतेज सिंह जोहर बनाम भारत सरकार- समानता, गरिमा और बंधुत्व
- एमसी मेहता बनाम यूनियन ऑफ इंडिया पर्यावरण केस- पर्यावरण की सुरक्षा और कर्तव्य
- 2002 में अरूणा रॉय बनाम भारत सरकार- शिक्षा में मूल कर्तव्य