फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Bharat Jodo Nyay Yatra: गोदौलिया से रथयात्रा रूट पर पहली बार होगी किसी कांग्रेस नेता की यात्रा, आज आएंगे राहुल

Sat, 17 Feb 2024 12:25 AM IST
प्रगति चंद अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी

सार

वाराणसी जिले के गोदौलिया से रथयात्रा मार्ग पर अब तक कांग्रेस के किसी भी नेता ने कोई राजनीतिक यात्रा नहीं की है। 17 फरवरी को राहुल गांधी की भारत जोड़ो न्याय यात्रा इस बार इस मार्ग से गुजरेगी। वहीं राहुल गांधी बाबा विश्वनाथ के दरबार में 17 को चौथी बार हाजिरी लगाएंगे।
विज्ञापन
राहुल गांधी (फाइल फोटो) - फोटो : सोशल मीडिया
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

राहुल गांधी की भारत जोड़ो न्याय यात्रा कई मायने में अलग होगी। गोदौलिया से रथयात्रा रूट पर पहली बार कोई कांग्रेस नेता राजनीतिक यात्रा करेगा। पं. जवाहर लाल नेहरू, इंदिरा गांधी और राजीव गांधी समेत किसी भी नेता ने बनारस में इस रूट पर कोई राजनीतिक यात्रा नहीं की है। 17 फरवरी को राहुल गांधी बाबा विश्वनाथ के दरबार में चौथी बार हाजिरी लगाएंगे।

विज्ञापन


भारत जोड़ो न्याय यात्रा 17 फरवरी को पड़ाव से गोलगड्डा पहुंचेगी। खुली जीप में सवार होकर राहुल गांधी विशेश्वरगंज के रास्ते होते हुए श्री काशी विश्वनाथ मंदिर के लिए रवाना होंगे। संभावना है कि बीच रास्ते में वह पैदल भी चलेंगे।

कांग्रेस नेता अनिल श्रीवास्तव अन्नू ने बताया कि गोदौलिया से लक्सा, रथयात्रा, गुरुबाग होते हुए मंडुवाडीह के रास्ते पर अभी तक कोई भी कांग्रेसी नेता ने कोई यात्रा नहीं की है। राहुल गांधी पहले कांग्रेसी नेता होंगे जो इस रूट पर भारत जोड़ो न्याय यात्रा निकालेंगे।

विज्ञापन
विज्ञापन

परनाना और दादी का था बनारस से गहरा लगाव

देश के पहले प्रधानमंत्री पं. जवाहर लाल नेहरू और पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी का बनारस से गहरा लगाव था। पं. नेहरू ने तो 1910 से 1950 तक बनारस की कई यात्राएं कीं। प्रधानमंत्री बनने के बाद भी उनका बनारस आना जाना लगा रहता था। वहीं इंदिरा गांधी ने भी बनारस की राजनीतिक और धार्मिक यात्राएं की थीं।

राहुल गांधी के परनाना पं. जवाहर लाल नेहरू पहली बार 1910 में अपने पिता पं. मोतीलाल नेहरू के साथ बनारस आए थे। इसके बाद 1921 में काशी विद्यापीठ के स्थापना समारोह में पहुंचे थे। इसके बाद 1942 और 1946 में वह बनारस पहुंचे थे। आजादी के बाद बतौर प्रधानमंत्री पं. नेहरू 1950 और 1952 में काशी आए थे।

राहुल की दादी व पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की 1980 के चुनाव की बनारस यात्रा ऐतिहासिक थी। प्रो. सतीश कुमार राय ने बताया कि 31 दिसंबर 1979 की शाम आठ बजे उनकी सभा निर्धारित थी। वह 14 घंटे की देरी से एक जनवरी 1980 को सुबह 10 बजे पहुंचीं। बरसात भरी सर्द बावजूद के बाद भी जनता उनके इंतजार में डटी रही।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें