औराई (भदोही) कोतवाली क्षेत्र के बेजवां गांव में शुक्रवार की सुबह जमीन के विवाद में एक युवक की पीट-पीटकर हत्या कर दी गई। मृतक के बेटे की तहरीर पर पुलिस ने सात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर तीन लोगों को हिरासत में ले लिया है। मौके पर फोरेंसिक टीम ने पहुंचकर जांच-पड़ताल की।
बेजवां गांव में श्री प्रकाश प्रजापति और ओमप्रकाश जायसवाल के बीच कई साल से जमीन का विवाद चल रहा था। शुक्रवार की सुबह गाली गलौज के बाद विवाद इतना बढ़ गया कि दोनों पक्षों से लाठी-डंडे चलने लगे। उसी दौरान एक पक्ष के लोगों ने ओमप्रकाश (48) के सिर पर फावड़े से हमला कर पिटाई कर दी। सिर में चोट लगने से वह गंभीर रूप से घायल हो गए। वाराणसी ट्रॉमा सेंटर ले जाने पर चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया। मृतक के बेटे अंकित जायसवाल ने तहरीर में आरोप लगाया कि पिता ओमप्रकाश सुबह छह बजे दरवाजे पर लगे हैंडपंप पर मुंह धो रहे थे। इसी समय पड़ोस के कुछ लोग एकजुट होकर पहुंचे और गाली-गलौज करते हुए मेरे दरवाजे पर निर्माण करने की धमकी देने लगे। पिताजी ने विरोध किया तो विपक्षियों ने हमला कर दिया। बचाव में पहुंचे भाई शुभम और चचेरी बहन प्रीति को भी मारपीट कर घायल कर दिया। पुलिस ने राजेश प्रजापति, रमेश प्रजापति, जयप्रकाश, श्रीप्रकाश, राजेश उपाध्याय, वारिस अली और संजय यादव के खिलाफ हत्या, बलवा समेत कई धाराओं में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी। पुलिस ने तीन लोगों को हिरासत में लिया है। अपर पुलिस अधीक्षक राजेश भारती ने कहा कि मुकदमा दर्ज कर पुलिस जांच कर रही है। कुछ लोगों को गिरफ्तार किया गया है।
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राजस्व और पुलिस की लापरवाही से गईं दो जानें
औराई। कोतवाली क्षेत्र के दो अलग-अलग गांव में दो दिनों में जमीन के विवाद में दो लोगों की हत्या हो गई। पुलिस और राजस्व विभाग अगर अलर्ट होती तो यह घटना नहीं होती। बेजवां में चार दिन पूर्व ओमप्रकाश के साथ मारपीट हुई थी। उस दौरान पुलिस सिर्फ शांतिभंग की कार्रवाई कर शांत हो गई। राजस्व विभाग के लोग भी मामले का निस्तारण नहीं कर रहे थे। इससे दोनों पक्षों में विवाद बढ़ता गया। इसी तरह बृहस्पतिवार सुबह जंगला गांव में जमीन के विवाद में एक व्यक्ति की जान चली गई थी। इसमें भी पुलिस और राजस्व विभाग की लापरवाही सामने आई थी। एसडीएम लाल बाबू ने कहा कि राजस्व के मामलों का निस्तारण करने का प्रयास होता है। कुछ कर्मियों की लापरवाही से दिक्कत होती है।