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भदोही के सीडीओ समेत आठ की कोरोना से मौत, पूर्वांचल में मिले 274 मरीज

Thu, 08 Oct 2020 12:23 AM IST
स्‍वाधीन तिवारी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
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सांकेतिक तस्वीर - फोटो : pixabay
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आजमगढ़, वाराणसी और विंध्य मंडल के जिलों में बुधवार को कोरोना के 274 मरीज मिले। जबकि वाराणसी, सोनभद्र और भदोही में दो-दो तथा आजमगढ़-गाजीपुर में एक-एक को मिलाकर आठ मरीजों की मौत हो गई। जान गंवाने वालों में भदोही के मुख्य विकास अधिकारी भी शामिल हैं।

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वाराणसी में कोरोना संक्रमण की रफ्तार जस की तस बनी है। बुधवार को जिले में 134 नये मरीज मिले और दो मरीजों की मौत हो गई। सोनभद्र में  35 और संक्रमित मिले। जबकि कोरोना संक्रमित दो मरीजों की मौत हो गई। इनमें एक की मौत जिला अस्पताल परिसर स्थित कोविड केयर सेंटर लेवल-1 से वाराणसी ले जाते समय रास्ते में हुई, जबकि दूसरे की मौत घर से इलाज के लिए कोविड केयर सेंटर में भर्ती करने के लिए लाते समय हो गई। भदोही में 15 नए मरीज सामने आए।

इनमें एसबीआई ज्ञानपुर का एक कर्मचारी भी शामिल है। इसके अलावा भदोही के मुख्य विकास अधिकारी समेत दो की कोरोना से मौत हो गई। आजमगढ़ में 29 नये संक्रमित पाए गए। इसके अलावा  कोरोना संक्रमण से बिलरियागंज की एक महिला की मौत हो गई। गाजीपुर में 28 नये मरीज मिले, जबकि एक मरीज की मौत हो गई। बलिया में 22 नए कोरोना संक्रमित पाए गए। पीडीडीयू नगर में कोरोना के आठ मरीज मिले। मऊ में केवल तीन मरीज मिले।  

 

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भदोही के सीडीओ विवेक त्रिपाठी ने पीजीआई में ली आखिरी सांस

भदोही जिले के मुख्य विकास अधिकारी विवेक त्रिपाठी की कोरोना से मौत हो गई। मंगलवार रात लखनऊ स्थित पीजीआई में इलाज के दौरान उनका निधन हो गया। संक्रमित और सांस लेने में तकलीफ होने पर 10 दिनों पूर्व उन्हें पीजीआई में भर्ती कराया गया था। सीएमओ लक्ष्मी सिंह के मुताबिक उन्हें डायबिटीज और लीवर संबंधी रोग भी थे। बुधवार को उनके निधन की खबर मिलने के बाद यहां प्रशासनिक खेमे में शोक की लहर दौड़ गई।

मूल रूप से मऊ जिले के भदसा गांव निवासी मुख्य विकास अधिकारी विवेक त्रिपाठी साल भर पूर्व स्थानांतरित होकर जिले में आए थे। प्रशासनिक कार्यों में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेने के कारण जिलाधिकारी राजेंद्र प्रसाद भी अधिकतर जिम्मेदारियां उन्हें ही देते थे।

कोविड कमांड सेंटर की जिम्मेदारी भी उन्हें ही सौंपी गई थी। करीब 13 दिन पूर्व उनकी बेटी की रिपोर्ट पॉजिटिव आई। जांच में वह भी संक्रमित मिले। होम आइसोलेशन में आराम नहीं मिला। सांस लेने में दिक्कत होने पर उन्हें लखनऊ पीजीआई में भर्ती किया गया। उपचार के बाद भी उनकी तबीयत में खास सुधार नहीं हो रहा था। मंगलवार की रात दो बजकर 10 मिनट पर उन्होंने अंतिम सांस ली। 
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