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बेनियाबाग कब्रिस्तान हत्याकांड: चार लोगों की पीटकर हत्या में महिला समेत 4 दोषी, सात को सुनाई जाएगी सजा

Sat, 01 Oct 2022 09:05 PM IST
उत्पल कांत न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी

सार


वाराणसी के बेनियाबाग स्थित कब्रिस्तान की जमीन पर हुई चार लोगों की हत्या मामले में अदालत ने महिला अभियुक्त समेत चार को दोषी करार दिया है। एक अन्य आरोपी को दोष सिद्ध नहीं होने पर दोषमुक्त कर दिया। 
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वाराणसी कोर्ट - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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एक दशक पूर्व बेनियाबाग कब्रिस्तान हत्याकांड में सत्र न्यायाधीश डॉ. अजय कृष्ण विश्वेश ने महिला अभियुक्त समेत चार को दोषी करार दिया। वहीं, सजा बिंदु पर सात अक्तूबर को सुनवाई होगी। एक अन्य आरोपी को दोष सिद्ध नहीं होने पर दोषमुक्त कर दिया। वर्ष 2012 में चार लोगों की पीटकर हत्या कर दी गई थी। इसमें महिला अभियुक्त शकीला, अमजद, रमजान और अरशद को दोषी करार दिया गया। जबकि इकबाल राइन दोष मुक्त हुआ।

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डीजीसी आलोक चंद्र शुक्ला व वादी के अधिवक्ता अनिल कुमार सिंह के अनुसार सरायगोवर्धन, चेतगंज निवासी सईद उर्फ काजू ने 16 जून 2012 को चौक थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई थी। आरोप था कि वादी, उसके दो भाई मो. शफीक उर्फ राजू और मो. शकील उर्फ जाऊ, भतीजे चांद रहीमी व शालू के साथ बाबा रहीम शाह की मजार से निकलकर घर की ओर जा रहे थे।

दो लोगों की मौके पर हुई थी मौत
उसी दौरान अमजद, इकबाल राइन, अरशद, रमजान व अमजद की पत्नी शकीला व उसकी बेटी शबनम आदि ने कब्रिस्तान के समीप घेर लिया और डंडे से हमला कर दिया। सिर व शरीर लहूलुहान हो गया। शोर सुनकर मजार की साफ-सफाई करने वाले कामिल और भतीजा बीच बचाव को पहुंचे तो हमलावरों ने उन्हें भी मारा-पीटा।

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पिटाई से मौके पर ही वादी के भाई शफीक उर्फ राजू व कामिल की मौत हो गई। अन्य घायलों को वादी व मोहल्ले के लोग अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां एक और भाई शकील उर्फ जाऊ की मौत हो गई। वहीं, इस घटना में गंभीर रूप से घायल भतीजे चांद रहीमी की कुछ दिनों बाद उपचार के दौरान मौत हो गई थी।

अदालत ने विचारण के दौरान कुल 13 गवाहों को परीक्षित कराया गया। अदालत ने गवाहों के बयान व साक्ष्यों के अवलोकन के बाद अभियुक्ता शकीला, अमजद, रमजान व अरशद को दोषी करार दिया। अभियुक्तों के खिलाफ सजा के बिंदु पर सात अक्टूबर को सुनवाई होगी। 
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किशोरी से दुष्कर्म के दोषी को 10 वर्ष की कड़ी कैद

किशोरी से दुष्कर्म मामले में विशेष न्यायाधीश पाक्सो तृतीय शैलेन्द्र सिंह की अदालत ने अभियुक्त मुसलिम को दोषी करार दिया। कोर्ट ने दस वर्ष की कड़ी कैद और 12 हजार का अर्थदंड लगाया। 
विशेष लोक अभियोजक संदीप कुमार जायसवाल के अनुसार वादिनी ने अदालत के आदेश पर शिवपुर थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई थी।

आरोप था कि 29 मई 2019 को दोपहर दो बजे वादिनी अपने काम पर गई थी। उसी दौरान हरिहरपुर निवासी अभियुक्त मुसलिम उसके घर में घुस आया और उसकी 13 वर्षीय बेटी से दुष्कर्म किया। वादिनी जब घर लौटी तो बेटी ने आपबीती सुनाई। इस दौरान विरोध करने पर मुसलिम ने जान से मारने की धमकी दी। अदालत के आदेश पर तीन अगस्त 2019 को प्राथमिकी दर्ज की गई।
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