पिटाई से मौके पर ही वादी के भाई शफीक उर्फ राजू व कामिल की मौत हो गई। अन्य घायलों को वादी व मोहल्ले के लोग अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां एक और भाई शकील उर्फ जाऊ की मौत हो गई। वहीं, इस घटना में गंभीर रूप से घायल भतीजे चांद रहीमी की कुछ दिनों बाद उपचार के दौरान मौत हो गई थी।
अदालत ने विचारण के दौरान कुल 13 गवाहों को परीक्षित कराया गया। अदालत ने गवाहों के बयान व साक्ष्यों के अवलोकन के बाद अभियुक्ता शकीला, अमजद, रमजान व अरशद को दोषी करार दिया। अभियुक्तों के खिलाफ सजा के बिंदु पर सात अक्टूबर को सुनवाई होगी।
किशोरी से दुष्कर्म मामले में विशेष न्यायाधीश पाक्सो तृतीय शैलेन्द्र सिंह की अदालत ने अभियुक्त मुसलिम को दोषी करार दिया। कोर्ट ने दस वर्ष की कड़ी कैद और 12 हजार का अर्थदंड लगाया।
विशेष लोक अभियोजक संदीप कुमार जायसवाल के अनुसार वादिनी ने अदालत के आदेश पर शिवपुर थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई थी।
आरोप था कि 29 मई 2019 को दोपहर दो बजे वादिनी अपने काम पर गई थी। उसी दौरान हरिहरपुर निवासी अभियुक्त मुसलिम उसके घर में घुस आया और उसकी 13 वर्षीय बेटी से दुष्कर्म किया। वादिनी जब घर लौटी तो बेटी ने आपबीती सुनाई। इस दौरान विरोध करने पर मुसलिम ने जान से मारने की धमकी दी। अदालत के आदेश पर तीन अगस्त 2019 को प्राथमिकी दर्ज की गई।