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पोर्न साइटों पर सर्फिंग करते हैं तो हो जाएं सावधान, पहले पढ़ लें ये खबर

Tue, 23 Jun 2020 10:21 AM IST
गीतार्जुन गौतम अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी

सार

  • वाराणसी एसएसपी ने बताया कि जालसाज आपका वीडियो बनाने का दावा कर करते हैं ब्लैकमेल और वसूलते हैं पैसा।
  • 'आपका पोर्न वीडियो देखते हुए वीडियो वायरल हो रहा', ऐसा दावा कर ऐंठते हैं पैसे।
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विस्तार
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यदि आप एडल्ट या पोर्न साइटों पर सर्फिंग करते हैं तो सावधान हो जाइए...। पॉपअप एड के जरिए जालसाज सर्फिंग करते हुए आपका वीडियो बनाने का दावा करते हैं और फिर ब्लैकमेल कर मोटी रकम ऐंठना शुरू कर देते हैं।

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वाराणसी के एसएसपी प्रभाकर चौधरी ने बताया कि सर्फिंग के दौरान जालसाजों द्वारा यह संदेश फ्लैश किया जाता है कि आपका पोर्न वीडियो देखते हुए वीडियो वायरल हो रहा है। वीडियो वायरल होने से रोकने के लिए फिशिंग लिंक पर क्लिक करने के लिए दबाव बनाया जाता है। लिंक पर क्लिक करते ही जालसाजों को आपके मोबाइल नंबर या ई-मेल अकाउंट से जुड़े बैंक खाते की पूरी जानकारी मिल जाती है। इसके बाद वह आपका बैंक खाता खुद ही एक्सेस कर लेते हैं।


एसएसपी ने बताया कि इतना ही नहीं जालसाज ब्लैकमेल करते हुए बिटक्वाइन अकाउंट में फिरौती की राशि जमा करने के लिए धमकी देते हैं। ऐसे कई मामले सामने आते रहते हैं, जिनमें एडल्ट या पोर्न साइट पर सर्फिगिं के दौरान आने वाले पॉपअप एड पर क्लिक करते ही आपसे संबंधित सारी जानकारी हैक कर ली जाती है और फिर सर्फिंग करने का वीडियो व फोटो बनाने का दावा किया जाता है।

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जालसाज इन वीडियो को सोशल नेटवर्किंग साइट्स पर अपलोड करने की धमकी देते हैं और वीडियो डिलीट करने के एवज में ब्लैकमेल कर बिटक्वाइन अकाउंट में राशि जमा कराने के लिए दबाव बनाते हैं। जिला साइबर क्राइम टीम के कोऑर्डिनेटर विजय श्रीवास्तव ने बताया कि फिशिंग लिंक के जरिए निजी डेटा चोरी करने के साथ ही बैंक खाते में भी सेंधमारी की जाती है। फिशिंग लिंक के जरिए आईपी एड्रेस जालसाजों तक पहुंच जाता है।

इसके बाद आईपी ट्रैकर के जरिए जालसाज मौजूदा लोकेशन हासिल कर लेते हैं। लिंक पर क्लिक करते ही मोबाइल फोन में मॉलवेयर इंस्टाल हो सकता है, जिसके जरिए जालसाज आपके खाते को एक्सेस कर सकते हैं। फिशिंग लिंक को क्लिक करने से ऐनीडेस्क, टीमव्यूअर जैसे रिमोट/स्क्रीन शेयरिंग ऐप के जरिए भी जालसाज आपके फोन पर पूर्ण नियंत्रण हासिल कर सकते हैं।
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