सुनवाई के दौरान जज ने पाया कि आरोपी के खिलाफ अभियोजन पक्ष की ओर से प्रस्तुत साक्ष्य से आरोप सिद्ध नहीं होता है। इसके बाद कोर्ट ने आरोपी काशीनाथ कोल को गैरइरादत हत्या के मामले में दोषमुक्त करार दिया।
कोर्ट ने आदेश दिया कि अभियुक्त का रिहायी परवाना तत्काल जिला कारागार वाराणसी भेजा जाए और अभियुक्त एक सप्ताह के अंदर 25-25 हजार रुपये की दो जमानतें और उसकी राशि का व्यक्तिगत बंधपत्र दाखिल करे। अभियुक्त की ओर से अधिवक्ता ने मनोज कुमार दुबे ने न्यायालय में तर्क प्रस्तुत किया।