बेसमेंट को सील करते वीडीए के अधिकारी
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पार्किंग की समस्या और जाम से जूझ रहे वाराणसी शहर को निजात दिलाने के लिए विकास प्राधिकरण ने बड़े प्रतिष्ठानों पर शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। वीडीए उपाध्यक्ष पुलकित खरे के निर्देश पर शुक्रवार को 10 बड़े नर्सिंग होम/अस्पतालों के बेसमेंट सील कर कर दिए गए।
यहां पार्किंग के लिए बनाए गए बेसमेंट का व्यावसायिक इस्तेमाल किया जा रहा था। वीडीए से नक्शा पास कराने के बाद पार्किंग की सुविधा के लिए बहुत से अस्पतालों बेसमेंट बनवाया ही नहीं गया।
वहीं, जिन अस्पतालों में बेसमेंट का निर्माण हुआ है वहां पार्किंग की उसका इस्तेमाल व्यावसायिक किया जा रहा है। इसके चलते अस्पतालों के सामने सड़कों पर लोग वाहन खड़े करते हैं, जिससे आए दिन जाम लगता है।
अस्पताल संचालकों की इस मनमानी के खिलाफ शुक्रवार को वीडीए ने अभियान चला कर कार्रवाई की। जांच के दौरान 10 बड़े नर्सिंग होम/अस्पतालों के बेसमेंट में ऐसी अनियमितता पाई गई।
पार्किंग के स्थान पर कहीं आफिस तो कहीं ओपीडी, जांच, स्टोर रूम और प्रयोगशाला के तौर पर बेसमेंट का इस्तेमाल किया जा रहा था। इस पर टीम ने इनके बेसमेंट को सील कर दिया और अस्पताल संचालकों को कड़ी कार्रवाई की चेतावनी भी दी गई।
इन अस्पतालों पर हुई कार्रवाई
सील किया गया बेसमेंट
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अधिकारियों ने बताया कि अन्य अस्पतालों को भी चिह्नित किया जा रहा है। वीडीए उपाध्यक्ष ने बताया कि अगले चरण में होटल, शॉपिंग कांप्लेक्स, मॉल और मल्टीप्लेक्स के साथ बड़े व्यावसायिक प्रतिष्ठाना पर कार्रवाई की जाएगी।
त्रिमूर्ति हॉस्पिटल गिलट बाजार, एसपी सर्जिकल जेल रोड, अरिहंत डायग्नोसिस सेंटर, समारन हॉस्पिटल, चेतना हॉस्पिटल, शुभम हॉस्पिटल, समर्पण हॉस्पिटल, लक्ष्मी मेमोरियल हॉस्पिटल, कोशिका चिल्ड्रेन हॉस्पिटल और डॉ. विनोद कुमार मौर्य हीवेल हॉस्पिटल के खिलाफ कार्रवाई की गई।
वीडीए के उपाध्यक्ष पुलकित खरे का कहना है कि पार्किंग के लिए बेसमेंट की सुविधा सभी अस्पतालों में पाई गई लेकिन इसका इस्तेमाल व्यवसायिक किया जा रहा था। इसके चलते वाहन सड़कों पर खड़े किए जाते हैं और रोज जाम लगता है। ऐसी मनमानी करने वाले सभी प्रतिष्ठानों एवं भवनों पर कार्रवाई की जाएगी।