साथ ही जिलाधिकारी और पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों को मौके पर पहुंचने के निर्देश दिए। मौके पर पहुंचे जिलाधिकारी एस राजलिंगम ने बताया कि मृतकों के परिजनों को आर्थिक सहायता मुहैया करा दी गई है।
पांडेयपुर पुलिस चौकी से करीब 50 मीटर दूर रिटायर्ड रेलवे कर्मचारी रामलाल के जिस मकान के चौथी मंजिल का निर्माणाधीन छज्जा टूटने से दो मजदूरों की मौत हुई, उसका नक्शा ही पास नहीं है। मुख्य सड़क के पास ही अवैध तरीके से चार मंजिला भवन बना दिया गया। इसकी भनक तक वाराणसी विकास प्राधिकरण (वीडीए) के अभियंताओं को नहीं लगा। अब मजदूरों की मौत और मामले का संज्ञान मुख्यमंत्री के लेने से अभियंता जागे हैं। अवैध निर्माण पर कार्रवाई की बात भी कह रहे हैं।
घटना के बाद से घर में ताला बंद करके रिटायर्ड रेल कर्मी का परिवार भागा है। जानकारी के मुताबिक, रिटायर्ड रेल कर्मी रामलाल के निर्माणाधीन मकान में चौथी मंजिल पर नए बने छज्जे पर ही खड़े होकर दोनों मजदूर दीवार खड़ी कर रहे थे। अचानक छज्जा टूटा और दोनों मजदूर घर के खुले आंगन में 40 फीट नीचे गिर गए।
घर में मौजूद लोगों ने उन्हें तत्काल जिला अस्पताल पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। घटना के बाद मजदूरों का शव शिवपुर पोस्टमार्टम हाउस भेजा गया। इससे नाराज परिजन भी आ गए और हंगामा करने लगे। पुलिस व प्रशासनिक अधिकारी देर रात तक मृतकों के परिजनों को समझाने में जुटे रहे। अस्पताल में मजदूरों के मृत होने सूचना के बाद घर पर ताला लगाकर रामलाल का पूरा परिवार फरार हो गया। उधर, पुलिस चौकी के ठीक सामने हुए हादसे की जानकारी ही पुलिस को अस्पताल से सूचना के बाद मिली।
छज्जे में लगवाई घटिया सरिया
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, मकान संख्या सी-9/480 में पिछले दो महीने से अवैध निर्माण जारी है। चौथे मंजिल से जो छज्जा गिरा है, उसमें गुणवत्तापरक सरिया का इस्तेमाल नहीं किया गया था। इस पर पड़ोसियों ने आपत्ति भी की थी, लेकिन रेलकर्मी का परिवार नहीं माना। निर्माण कार्य जल्दी पूरा कराने के लिए ही एक सप्ताह पहले बनाए गए छज्जे का स्लैब बुधवार को ही खुलवा दिया और उसी पर मजदूरों को खड़ा कराके दीवार खड़ी कराने का काम शुरू करा दिया।
रामलाल के पांडेयपुर नई बस्ती के मकान में छह भाइयों का परिवार रहता है। इसमें करीब बच्चे-बड़े मिलाकर 30 सदस्य रहते हैं। यही कारण है कि पिछले साल भी इस मकान का तीसरा तल अवैध तरीके से बनवाया गया था। दिसंबर 2022 में चौथे तल का निर्माण शुरू कराया। हादसे में मृत मजदूर छोटई पहले भी इस मकान में काम कर चुका है। यही कारण है कि इस बार के निर्माण में छोटई पर ही मजदूरों को लाने की जिम्मेदारी थी।
अस्पताल के कर्मचारियों ने दी पुलिस को सूचना
मजदूरों के मृत होने के बाद रामलाल और उनके साथ गए परिजन वहां से चले गए। इसके बाद अस्पताल के कर्मचारियों ने पीआरवी को फोन पर सूचना दी। इसके बाद लालपुर पुलिस अस्पताल पहुंची और वहां पुलिस चौकी को जानकारी दी गई। छोटे से हिस्से में चार मंजिला निर्माण सवालों के घेरे में है कि आखिर कैसे पुलिस चौकी के ठीक सामने यह निर्माण हो रहा था।