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Good News: अंतरराष्ट्रीय बाजार में ब्रांड के नाम से बिकेगा बनारसी आम, अगले 10 दिनों में पहली खेप को निर्यात करने की तैयारी

सार

अंतरराष्ट्रीय बाजार में बनारसी आम को एक ब्रांड के रूप में उतारने की तैयारी है। इसके लिए निर्यातक किसान और एपीडा नाम को लेकर मंथन में जुटे हैं।
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आम - फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
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अंतरराष्ट्रीय बाजार में बनारसी आम को एक ब्रांड के रूप में उतारने की तैयारी है। इसके लिए निर्यातक किसान और एपीडा नाम को लेकर मंथन में जुटे हैं। जल्द ही ब्रांड का नाम तय किया जाएगा। पिछले वर्ष दुबई और लंदन में पांच से छह टन बनारसी दशहरी, लंगड़ा और चौसा आम निर्यात किया गया था।
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इस सीजन में निर्यातक किसानों के उत्साह को देखते हुए बनारसी आम को एक ब्रांड के रूप में अंतरराष्ट्रीय बाजार में उतारा जाएगा। आम की पहली खेप ब्रांड के नाम से निर्यात की तैयारी है। निर्यातक किसान शार्दूल विक्रम बताते है कि मार्च में जब आम के पेड़ों में बौर का समय था तक अचानक तेज गर्मी पड़ने 20 से 25 प्रतिशत तक आम के बौर गिर गए। इसका असर उत्पादन पर पड़ा है।

पहली बार दुबई भेजा गया था आम
मई 2020 में पहली बार दुबई में तीन टन, जून में डेढ़ टन आम लंदन को प्रायोगिक तौर पर निर्यात किया गया। किसानों के उत्साह और विदेशी बाजार में मांग को देखते हुए पिछले साल कम उत्पादन और कोरोना महामारी के बावजूद एक टन से अधिक आम दुबई को निर्यात किया गया था। इस बार मौसम के अनुकूल न होने कारण पेड़ों फल कम लगे होने के बाद भी निर्यात की तैयारी है। अगले 10 दिनों में पहली खेप को ब्रांड के नाम से निर्यात करने की तैयारी।
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बंगाल और दक्षिणी राज्यों से आ रहा आम

पहड़िया मंडी के प्रगतिशील फल सब्जी व्यवसायी समिति के अध्यक्ष कृष्ण कुमार सोनकर ने बताया कि मंडी में बीते तीन सप्ताह से बंगाल, आंध्र प्रदेश, महाराष्ट्र और तमिलनाडु राज्यों से दशहरी, बैगन फली और तोता परी प्रजाति के आम आ रहे हैं। मंडी में 60 से 80 रुपये प्रति किलो कीमत है। फुटकर बाजार में 100 रुपये प्रति किलो तक बेचा जा रहा है।

31 मई से बढ़ेगी आम की आवक
पहडिया मंडी के आम व्यवसायी सतीश और बबलू का कहना है अभी प्रतिदिन बंगाल से दो से तीन छोटे ट्रक बैगन फली आम की आवक है। जबकि आंध्र प्रदेश, महाराष्ट्र और तमिलनाडु राज्यों से प्रतिदिन एक से दो ट्रक आम की आवक है। 25 मई तक यूपी के बागों से दशहरी, एक जून से लंगड़ा और 15 के बाद चौसा आम की आवक शुरू होगी।

इस बार अंतरराष्ट्रीय बाजार में बनारसी आम को एक ब्रांड के रुप में उतारने की योजना है। जिसके नाम को लेकर मंथन जारी है। बीते सालों में जितना भी आम का निर्यात हुआ निर्यातक ने अपना अपना नाम से निर्यात किया। अगले 10 दिनों में आम के उत्पादन को देखते हुए निर्यात का लक्ष्य तय किया जाएगा। - डॉ सीबी सिंह, महाप्रबंधक एपीडा
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