बनारस सहित पूर्वांचल के जरायम जगत में चर्चित नाम मनीष सिंह पर कैंट थाने की पुलिस ने 24 मई 2010 को 50 हजार का इनाम घोषित किया था। एक दशक से अधिक समय से फरार मनीष सिंह ने 21 अप्रैल 2007 को सैम्स के निदेशक आरके सिंह की रथयात्रा स्थित एक लॉन के बाहर गोली मारकर हत्या कर दी थी। हत्या से पुलिस की इतनी किरकिरी हुई कि तत्कालीन एसएसपी सुजीत कुमार पांडेय को हटा दिया गया था।
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घटना में शूटर के तौर पर मनीष का ही नाम सामने आया था। पुलिस अधिकारियों के अनुसार मनीष सिंह ने वर्ष 2012 में आरके सिंह हत्याकांड में साजिशकर्ता रहे अशोक तलरेजा पर दिनदहाड़े फायरिंग की थी। इसी दिन शाम को लूट की नियत से रोहनिया में आढ़ती हरिनाथ पटेल की गोली मारकर हत्या की थी। इसके बाद मनीष ने मुंबई में कई आपराधिक घटनाओं को अंजाम दिया। रोहनिया थाने के एक मामले में चार साल पूर्व एसओ रहते हुए शिवानंद मिश्रा ने मनीष के दबोचने को लेकर घेराबंदी की थी लेकिन वह भाग निकला था।
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मुन्ना बजरंगी का आर्थिक साम्राज्य बचाने को मनीष को मिली थी कमान
बागपत जेल में मारे गए माफिया मुन्ना बजरंगी के आपराधिक तरीके से अर्जित की कई करोड़ों की संपत्ति का पता लगाने और संपत्ति को बचाने की कमान बदमाश मनीष सिंह को मिली थी। मुन्ना बजरंगी की हत्या के तीन माह बाद ही वाराणसी में पंचायत हुई थी, पुलिस सूत्रों के अनुसार उसमें मनीष सिंह को मुंबई से बुलाया गया था।
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