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12 हजार एचपी का इंजन बनाएगा बरेका: मात्र छह मिनट में 100 किमी की रफ्तार से दौडे़ंगी मालगाड़ियां, कम समय में गंतव्य तक पहुंचेगा सामान

Fri, 06 May 2022 04:17 PM IST
उत्पल कांत राघवेंद्र केशरी, अमर उजाला, वाराणसी

सार

 बनारस रेल इंजन कारखाना की ओर से 12 हजार अश्व शक्ति के इंजन को तैयार करने का प्रस्ताव बनाकर रेलवे बोर्ड को भेज दिया गया है। 
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बनारस रेल इंजन कारखाना - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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अब कोयले से लेकर देशभर में खाद्य व अन्य सामग्री और भी तेजी से पहुंचाई जा सकेंगी। इसके लिए बनारस रेल इंजन कारखाना (बरेका) 12 हजार अश्व शक्ति (एचपी) का इंजन निर्माण करेगा। इससे मालगाड़ियों की रफ्तार बढ़ने के साथ कम समय में सामानों को गंतव्य तक पहुंचाया जा सकेगा। इसके लिए बरेका की ओर से कवायद शुरू हो गई है। 

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बरेका की ओर से 12 हजार अश्व शक्ति के इंजन को तैयार करने का प्रस्ताव बनाकर रेलवे बोर्ड को भेज दिया गया है। हरी झंडी मिलते ही कार्य शुरू हो जाएगा। वर्तमान में रेलवे की ओर से छह हजार अश्व शक्ति के मालवाहक इंजन का प्रयोग किया जा रहा है। इस इंजन को 100 किमी प्रतिघंटे की रफ्तार पकड़ने में 10 मिनट लग जाते हैं। 12 हजार अश्व शक्ति के इंजन मात्र छह से सात मिनट में ही 100 किमी प्रतिघंटे की रफ्तार पकड़ लेंगे।

छह हजार टन होगी माल ढोने की क्षमता 

वर्तमान में माल वाहक इंजनों में छह हजार अश्वशक्ति के इंजन का प्रयोग किया जा रहा है, जो चार हजार टन माल माल ढोने की झमता रखते हैं। 12 हजार अश्वशक्ति का इंजन रफ्तार के साथ एक बार में छह हजार टन माल ढोने की क्षमता रखता है। 

99 फीसदी स्वदेशी उपकरणों का किया जाएगा प्रयोग

बनारस रेल इंजन कारखाना (बरेका) - फोटो : Agency (File Photo)
छह हजार अश्व शक्ति के मालवाहक इंजनाें की क्षमता वर्तमान में जहां 60 किमी प्रति घंटे है। वहीं नई तकनीक से लैस होकर तैयार होने वाली 12 हजार अश्वशक्ति के इंजनों की क्षमता 75 से 80 किमी प्रतिघंटे होगी। इससे समय पर माल अपने गंतव्यों तक पहुंचाया जा सकेगा।  

बरेका द्वारा निर्मित होने वाले 12 हजार अश्व शक्ति के इंजनों को बनाने में स्वदेशी उपकरणों का प्रयोग किया जाएगा। बरेका प्रशासन का लक्ष्य है कि ज्यादा से ज्यादा घरेलू उत्पादनों से इंजनों को निर्मित किया जाए। ताकि रेल इंजन पूरी तरह स्वदेशी हो। 
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रेलवे बोर्ड से हरी झंडी मिलते ही बरेका संस्थान द्वारा जल्द ही 12 हजार अश्वशक्ति के मालगाड़ी के इंजनों का निर्माण किया जाएगा। इसके लिए प्रस्ताव बनाकर रेलवे बोर्ड को भेज दिया गया है। - विजय, मुख्य जनसंपर्क अधिकारी व उप महाप्रबंधक बरेका
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