जिससे वे उन्नत खेती कर सकेंगे। इसके तहत किसानों को ड्रोन, ड्रिप सिंचाई, आधुनिक मशीनों से बीज की सीधी बुवाई सहित अन्य मूलभूत सुविधा भी मिल सकेंगी। एपीडा के सहायक महाप्रबंधक डॉ. सीबी सिंह ने बताया कि किसानों को प्रशिक्षित करने के लिए सॉफ्टवेयर तैयार करा लिया गया है। निर्यात के लिए किसानों की चिन्हित कर अगले एक दो सप्ताह में उन्हें प्रशिक्षण दिया जाएगा।
हाल ही में दो टन हरी मिर्च और दो टन मटर शारजाह भेजी गई।
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दिसंबर 2019 में वाराणसी से दुबई के जेबेल अली पोर्ट के लिए कृषि और प्रसंस्कृत खाद्य उत्पाद निर्यात विकास प्राधिकरण (एपीडा) 14 टन हरी मिर्च के पहले परीक्षण शिपमेंट के निर्यात की सुविधा प्रदान की गई थी। इसके बाद बनारस से तीन टन ताजी सब्जियां लंदन को, तीन टन आम दुबई को, 1.2 टन आम लंदन को, 520 टन बनारस से सांबा, चावल कतर को और 80 टन चंदौली का क्षेत्रीय काला चावल 2020 में कोविड महामारी के दौरान ऑस्ट्रेलिया को निर्यात किया गया।
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