बलुआ घाट हादसे की विवेचना साक्ष्य के अभाव में अटकी है। इसे लेकर पुलिस ने उत्तर प्रदेश प्रोजेक्ट कॉरपोरेशन लिमिटेड से निर्माण के मानक का ब्योरा मांगा, जो अब तक नहीं मिला।
बलुआ घाट पर बारादरी की गुंबदनुमा छत गिरने और उसके नीचे दबकर बुजुर्ग की मौत मामले में रामनगर थाने में दर्ज मुकदमे की विवेचना साक्ष्य के अभाव में आगे नहीं बढ़ पा रही है। पुलिस ने उत्तर प्रदेश प्रोजेक्ट कॉरपोरेशन लिमिटेड (यूपीपीसीएल) के अफसर से साक्ष्य प्रस्तुत करने के साथ ही बारादरी को बनाने के मानक से संबंधित जानकारी मांगी है। मगर, जानकारी उपलब्ध कराने में हीलाहवाली की जा रही है। इस संबंध में रामनगर थाने की पुलिस की ओर से तीन बार रिमाइंडर भी भेजा गया है, फिर भी जानकारी नहीं साझा की गई।
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रामनगर किला के समीप बलुआ घाट के सुंदरीकरण का काम किया जा रहा था। गत 12 सितंबर को बारादरी की गुंबदनुमा छत गिरने से उसके नीचे बैठे चंदौली के परोरवा गांव निवासी मेवालाल उर्फ बाबाजी (60) की मौत हो गई थी।
यूपीपीसीएल के प्रोजेक्ट मैनेजर प्रवीन कुमार शर्मा की तहरीर पर सोनभद्र जिले के राबर्ट्सगंज के दीप नगर निवासी ठेकेदार ओम प्रकाश पांडेय के खिलाफ रामनगर थाने में मुकदमा दर्ज किया गया था। ओम प्रकाश पांडेय पर लापरवाहीपूर्वक काम कराने का आरोप है।
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उधर, इस संबंध में रामनगर थानाध्यक्ष राजू सिंह ने बताया कि आरोपी के खिलाफ अदालत में चार्जशीट दाखिल करने की तैयारी की जा रही है। यूपीपीसीएल के अफसर सही से सहयोग करते तो कार्रवाई जल्द संपन्न हो जाती।