हादसे के बाद स्थानीय लोगों में सड़क किनारे किए गए अतिक्रमण को लेकर नाराजगी है। लोगों का आरोप है कि घटनास्थल के आसपास बिल्डिंग मैटेरियल की दुकानों के संचालकों ने सड़क की पटरी पर बालू, गिट्टी और अन्य निर्माण सामग्री रखकर अतिक्रमण कर रखा है। इससे सड़क की चौड़ाई कम हो गई है और वाहनों के आवागमन में परेशानी होती है।
स्थानीय लोगों के अनुसार, बुधवार को भी सड़क किनारे एक ट्रक खड़ा कर बालू उतारा जा रहा था। इसके कारण मार्ग पर आवागमन प्रभावित था। लोगों का आरोप है कि सड़क की पटरी पर अतिक्रमण और निर्माण सामग्री रखे होने से हादसे का खतरा लगातार बना रहता है। उनका कहना है कि यदि समय रहते अतिक्रमण हटाया जाए तो ऐसे हादसों पर अंकुश लगाया जा सकता है।
जलील अहमद चकिया गांव में किराने की दुकान चलाकर परिवार का भरण-पोषण करते थे। परिजनों के अनुसार वह परिवार के एकमात्र कमाऊ सदस्य थे। उनकी मौत की खबर मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया। पत्नी कमरूनिशा, पुत्र समीम, रमजान और सोनू का रो-रोकर बुरा हाल है। परिजनों का कहना है कि जलील की मौत से परिवार के सामने आर्थिक संकट भी खड़ा हो गया है।