श्रमिकों को श्रम के बदले खाद्यान्न और नकद पैसे दिए जाने का निर्देश था। इस प्रकरण को लेकर वर्ष 2006 में बलिया जिले के विभिन्न थानों में 50 से ज्यादा मुकदमे दर्ज किए गए थे। प्रकरण की गंभीरता को देखते हुए इसकी जांच सरकार ने ईओडब्लू को सौंप दी थी। मामले में कई आरोपी पहले भी गिरफ्तार हो चुके हैं।
ईओडब्लू वाराणसी ईकाई ने घोटाले की विवेचना में पाया कि जिम्मेदार अधिकारियों और कर्मचारियों ने कोटेदारों से मिलीभगत कर कार्ययोजनाओ की पत्रावलियो पर पेमेंट ऑर्डर, मास्टर रोल एवं खाद्यान्न वितरण रजिस्टर में कूटरचना कर सरकारी धन लगभग 20 लाख और खाद्यान्न लगभग 4400 क्विंटल (कीमत लगभग 30 लाख ) कुल लगभग 50 लाख रुपये का गबन कर लिया गया था।