जनपद में यूपी बोर्ड परीक्षा के पेपर आउट होना नई बात नहीं हैं, यहां तो करीब-करीब हर साल ऐसा होता है। सामूहिक नकल और परीक्षा केंद्रों के बाहर कॉपियों का लिखा जाना भी आम बात है। वर्ष 2020 में इंटर गणित, भौतिक विज्ञान, हाईस्कूल गणित और अंग्रेजी के पेपर आउट हुए थे। वर्ष 2019 में इंटर भौतिक विज्ञान, जीव विज्ञान, गणित और हाईस्कूल संस्कृत का पेपर आउट हुआ था। यह सब होता है नकल माफिया और शिक्षाधिकारियों की मिलीभगत से। यही वजह है कि जब भी कोई इन्हें बेनकाब करने की कोशिश करता है प्रशासन इन्हीं पर सख्ती करने लगता है। इस बार भी ऐसा ही हुआ है।
बलिया में पत्रकारों का उत्पीड़न और जेल भेजना निंदनीय है। मैंने इसको संज्ञान में लिया है। उनको न्याय मिलेगा। यह बात बलिया सदर से विधायक एवं परिवहन राज्यमंत्री दयाशंकर सिंह ने बलिया जाते समय पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे पर कासिमाबाद में रविवार को पत्रकारों से कही। उन्होंने कहा कि बलिया में नकल माफिया की करतूत को उजागर करने वाले पत्रकारों के खिलाफ की गई कार्रवाई निंदनीय है।
प्रिंसिपल और स्कूल मैनेजर कई बार गिरफ्तार हुए
साल 2020 : एसटीएफ लखनऊ की टीम ने तीन नकल माफियाओं को दबोचा। नगरा व भीमपुरा में परीक्षा के दौरान इंटर भौतिक विज्ञान, हाईस्कूल अंग्रेजी की हल प्रति वायरल हुई थी। इंटर रसायन विज्ञान प्रश्नपत्र में भी गिरोहों की सक्रियता दिखी।
38 कॉपियां, 6 साॅल्वर पकड़े
साल 2019 : इंटर गणित की परीक्षा समाप्त होने के कुछ समय पहले एसटीएफ गोरखपुर की टीम ने बाबा महेंद्र दास शहीद प्रवीण सिंह शिक्षण संस्थान छोटकी सेरिया में दबिश दी। 38 कापियों के साथ छह सॉल्वर को पकड़ लिया। प्रिंसिपल व उसका बेटा भी गिरफ्तार।
प्रिंसिपल व 4 सॉल्वर गिरफ्तार
2018 : यूपी एसटीएफ ने रसड़ा में बालेश्वर इंटर कालेज पर छापेमारी की। एसटीएफ ने स्कूल मैनेजर घर में 10वीं के गणित का पेपर हल कर रहे चार सॉल्वर सहित स्कूल के प्रिंसिपल और मैनेजर के भाई को गिरफ्तार किया था।