यूपी बोर्ड परीक्षा में पेपर लीक होने के कारण चर्चा में आए बलिया जिला प्रशासन और शिक्षा विभाग की कार्यप्रणाली पर लगातार सवाल उठ रहे हैं। अब माध्यमिक शिक्षक संघ के प्रादेशिक उपाध्यक्ष विजय कुमार सिंह ने परीक्षा कराने की जिम्मेदारी निभाने वाले अफसरों पर कई गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका दावा है कि नकल के खेल में प्रशासन और विभाग के कई अफसरों और कर्मचारियों की मिलीभगत है।
शिक्षक नेता ने कहा कि बलिया में नकल का खेल बहुत पहले से होता आ रहा है। यहां पूरा सिस्टम दूषित हो गया है। रसड़ा और सीयर क्षेत्र के वित्तविहीन विद्यालयों में नकल का व्यापार होता रहा है। इसमें प्रबंधक और प्रधानाचार्यों के अलावा विभागीय अधिकारी भी समान रूप से दोषी हैं। लाखों रुपये खर्च कर केंद्र बने विद्यालय पर्चे खोलकर, कॉपी लिखकर धड़ल्ले से पैसा कमा रहे हैं। केंद्र के निरीक्षण में जो भी अफसर जाते हैं तो उनकी खातिरदारी होती है।
डीआईओएस बृजेश मिश्र ने रकम लेकर कई ऐसे वित्तविहीन विद्यालयों को केंद्र बनाया है, जहां न तो मानक के अनुसार भवन है और न फर्नीचर सहित अन्य सुविधाएं। जिले में 91 सवित्त विद्यालय हैं, जबकि उनसे पांच गुना वित्तविहीन विद्यालय। केंद्र बनाने में भी राजकीय और सवित्त को छोड़कर वित्तविहीन को वरीयता देना अफसरों की मंशा को दर्शाता है। इन सबके बावजूद प्रशासन अपनी कमियों को छिपाने के लिए पत्रकारों पर मुकदमे दर्ज कर रहा है, जो निंदनीय है।