परिजन उसे चांदपुर स्थित एक हास्पिटल लेकर गए, जहां उसे मृत घोषित कर दिया। परिजनों को भरोसा नहीं हुआ तो वह उसे दूसरे चिकित्सालय ले गए। वहां भी उसे मृत घोषित कर दिया। घटना के बाद मां राधा, पिता पिंटू और दादा नंदलाल की हालत बेसुधों जैसे थी।
मन्नतों के बाद पैदा हुआ था पूरब
परिजनों ने बताया कि चार बहनों के बाद बहुत मन्नत के बाद पूरब पैदा हुआ था। इस घटना के बाद पूरब की मां राधा रह-रह अचेत हो जा रही थी। होश में आने पर वह बार-बार यही कह रही थी कि ई का कईला हो भगवान... कहां चल गईला हो लाल...।