सर्किट हाउस में धरने पर प्रियंका गांधी का प्रतिनिधि मंडल।
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सुबह होते ही सर्किट हाउस से लेकर आजमगढ़-लखनऊ हाईवे तक का इलाका छावनी में तब्दील कर दिया गया था। मौके पर पीएसी के जवान भी तैनात कर दिए थे। एसपी सिटी पंकज पांडेय, एसपी ग्रामीण सिद्धार्थ सुबह से ही मौके पर कमान संभाले हुए थे।
गुरूवार सुबह करीब 10.15 बजे कांग्रेस का प्रतिनिधिमंडल तरवां के बांसगांव जाने के लिए सर्किट हाउस से बाहर निकला तो मुख्य गेट में ताला बंद मिला। इसके बाद कांग्रेसियों ने हंगामा शुरू किया और गेट फांदकर बाहर आने की कोशिश की लेकिन पहले से तैयार पुलिस सभी नेताओं को सर्किट हाउस के भीतर उठा ले गई।
धरने पर बैठे कांग्रेसी।
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भारी संख्या के कारण कांग्रेसियों का प्रतिरोध काम नहीं आया। वहीं दूसरी तरफ बड़े नेताओं के हिरासत में लिए जाने के बाद बाहर मौजूद नेता जिलाध्यक्ष प्रवीण सिंह के नेतृत्व में विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। इस दौरान सरकार और पुलिस प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की गई।
कांग्रेसी पांच लोगों को मृत प्रधान के घर भेजने की जिद पर अड़े हुए है, वहीं प्रशासन कानून-व्यवस्था का हवाला देते हुए उन्हें आगे जाने की अनुमति देने के लिए तैयार नहीं है।
धरने पर बैठे महाराष्ट्र सरकार के मंत्री।
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इस दौरान गांव जाने के लिए कांग्रेसियों ने जमकर हंगामा किया। कांग्रेसियों और पुलिस में जमकर धक्का-मुक्की हुई। पूरा क्षेत्र पुलिस छावनी में तब्दील कर दिया गया है। मौके पर पीएसी के जवान तैनात हैं।
गांव में भी फोर्स तैनात है। वहीं ऊर्जा मंत्री महाराष्ट्र नितिन राउत को वाराणसी से आजमगढ़ पहुंचने से पहले ही बरदह थाने के जिउली मोड़ पर रोक लिया। ये लोग भी वहीं पर धरने पर बैठ गए हैं। मौके पर राजनीति चरम पर है।