फौजदारी वरिष्ठ वकील स्वामी नाथ यादव का कहना है कि इस तरह के मामलों में एक्ट बनाने का क्रम सरकार की तरफ जारी है। इस प्रकार की घटनाएं होने पर उसे पुराने एक्ट की धारा के तहत केस दर्ज कर कार्रवाई की जानी चाहिए।
अभियोजन संयुक्त निदेशक वेद प्रकाश वर्मा का कहना है कि इस प्रकार की पहली रिपोर्ट बिजनौर जिले में दर्ज हो चुकी है। आजमगढ़ में फोन पर तीन तलाक का मामला आने पर नौ अक्तूबर को सिधारी पुलिस की तरफ से मौखिक पूछा गया था। हमने बता दिया कि मुस्लिम महिला (अधिकार एवं संरक्षण अध्यादेश 2018) एक्ट की धारा 3/4 के तहत केस दर्ज कर कार्रवाई करें। यह मामला संज्ञेय अपराध की श्रेणी में आता है।
एसपी ग्रामीण नरेंद्र प्रताप सिंह का कहना है कि फोन पर तीन तलाक देने का मामला प्रकाश में आने पर प्रभारी निरीक्षक सिधारी को विधिक राय लेते हुए कार्रवाई का आदेश दिया जा चुका है।