कस्बा निवासी इस्माइल सेराज अजहर ऐसी ही एक रसीद लेकर नगर पालिका में अपने मकान के नक्शे के संबंध में कर्मचारियों से मिले। कर्मचारियों ने रसीद देखी तो उनके होश उड़ गए। क्योंकि उक्त नंबर की रसीद वर्ष 2018 में ही काटी गई थी। दस्तावेज निकाल कर मिलान किया गया तो रसीद नंबर वर्ष 2018 में किसी और के नाम से कटी मिली।
इसके बाद और पड़ताल की गई तो पता चला कि नगरपालिका में यह खेल काफी दिनों से चल रहा था। मामले की जानकारी होने पर अन्य सभासदों ने भी आरोपी सभासद के खिलाफ कार्रवाई के लिए हंगामा किया। अधिशासी अधिकारी राजपति अविचल ने आरोपी सभासद के खिलाफ कार्रवाई के लिए प्रस्ताव तैयार किया है।
उन्होंने बताया कि चुकी आरोपी सभासद नगर पालिका बोर्ड का निर्वाचित सदस्य है, इसलिए उसके खिलाफ एफआईआर व अन्य कार्रवाई के लिए चेयरमैन से अनुमति मांगी गई है। अनुमति मिलते ही सभासद के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई जाएगी।