दुकानदार को खाते में रकम आने का इंतजार था, लेकिन भुगतान नहीं पहुंचा। इसी बीच दोनों ने मौका देखा और चेन लेकर दुकान से बाहर निकलकर भागने लगे। दुकानदार को जब ठगी का पता चला तो उसने शोर मचा दिया। आसपास के लोग भी बदमाशों के पीछे दौड़ पड़े। कुछ ही दूरी तक पीछा होने के बाद बदमाशों ने बाइक रोककर पीछा कर रहे लोगों को डराने के लिए असलहे निकाल लिए।
इसके बाद उन्होंने लोगों की ओर फायरिंग कर दी। अचानक हुई फायरिंग से बाजार में भगदड़ जैसी स्थिति बन गई। हालांकि किसी के गोली लगने की सूचना नहीं है। बदमाशों को लगा कि फायरिंग से लोग पीछे हट जाएंगे, लेकिन स्थानीय लोगों ने उनका पीछा जारी रखा। साहस और तत्परता दिखाते हुए लोगों ने दोनों को घेर लिया। ग्राम बैरमपुर में दोनों बदमाश पकड़े गए। इस दौरान उनकी बाइक और एक बैग भी कब्जे में ले लिया गया।
घटना की सूचना मिलते ही उपनिरीक्षक सूर्यपाल यादव पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और दोनों आरोपियों को पुलिस अभिरक्षा में ले लिया। तलाशी के दौरान पुलिस को बदमाशों के पास से दो पिस्टल और दो तमंचे मिले। इनके अलावा तीन खाली मैगजीन, 18 कारतूस बरामद हुआ। बदमाशों के पास चापड़, पेचकस और रेती जैसे औजार भी मिले। पुलिस ने घटना में इस्तेमाल मोटरसाइकिल भी कब्जे में ले ली।
चोरी की बाइक पर बदल दी थी नंबर प्लेट
एसपी ग्रामीण चिराग जैन ने बताया कि पूछताछ में गिरफ्तार चन्द्रेश यादव ने पुलिस को बताया कि उसने अपने साथियों के साथ 31 अगस्त को न्यायालय के समीप वाहन स्टैंड से एक मोटरसाइकिल चोरी की थी। इसके बाद बाइक की नंबर प्लेट बदलकर उस पर UP50BL5646 नंबर लगा दिया गया। इसी चोरी की बाइक का इस्तेमाल अलग-अलग स्थानों पर लूट, चोरी और झपटमारी की घटनाओं को अंजाम देने में किया जाता था।
चंद्रेश ने बताया कि 17 सितंबर को वह अपने साथी प्रिंस चौहान के साथ अवैध असलहों से लैस होकर निकला था। दोनों मंझारी बाजार स्थित राज ज्वैलर्स की दुकान पर पहुंचे। चेन लेकर भागने के बाद जब दुकानदार और स्थानीय लोगों ने पीछा किया तो उन्होंने लोगों को डराने के लिए फायरिंग की। हालांकि स्थानीय लोगों की तत्परता के कारण दोनों पकड़े गए।
पूछताछ में छह और नाम, खंगाला जा रहा नेटवर्क
एसपी ग्रामीण चिराग जैन ने बताया कि पूछताछ में आरोपियों के साथ मिलकर अपराध करने वाले छह अन्य लोगों के नाम सामने आए हैं। इनमें अनिल यादव उर्फ मेटी निवासी सरायभादी, थाना तरवां, राकेश यादव निवासी टोडरपुर रासेपुर, थाना मेंहनगर, अनूप यादव निवासी कोटवा, थाना रानी की सराय, धर्मेंद्र यादव उर्फ छोटई निवासी पीरी मनीरामपुर, थाना गंभीरपुर, दीपक यादव निवासी शेखुपुर, थाना मेंहनगर और रजित यादव, पता अज्ञात शामिल हैं। पुलिस इन सभी के संबंध में आवश्यक विधिक कार्रवाई कर रही है।
गिरफ्तार आरोपियों के खिलाफ पूर्व में भी प्राथमिकी दर्ज
आजमगढ़। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान चंद्रेश यादव निवासी जमीनबारी, थाना निजामाबाद और प्रिंस चौहान निवासी कोटवा, थाना रानी की सराय के रूप में हुई है। चन्द्रेश यादव का आपराधिक इतिहास भी सामने आया है। निजामाबाद थाने में उसके खिलाफ वर्ष 2026 में बीएनएस की विभिन्न धाराओं में प्राथमिकी दर्ज है।