वाराणसी के सामने घाट निवासी 23 वर्षीय राकेश सिंह कोविड-19 वैक्सीन के लिए रजिस्ट्रेशन कर रहे थे लेकिन सफलता नहीं मिली। इसी बीच उनके मोबाइल पर एक नंबर से कॉल कर कहा गया कि यदि आपको कोरोना वैक्सीन के लिए रजिस्ट्रेशन कराना है तो आपको एक लिंक भेजा जा रहा है। लिंक पर क्लिक कर अपना विवरण भर दें।
राकेश ने लिंक पर क्लिक कर अपना नाम, पता, मोबाइल नंबर और आधार कार्ड का विवरण दर्ज किया। इसी बीच उनके मोबाइल पर मैसेज आया कि बैंक खाते से 13,500 रुपये कट गए हैं। राकेश ने बैंक और पुलिस से संपर्क किया लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी। इस तरह की ऑनलाइन जालसाजी इन दिनों कई लोगों के साथ हो रही है।
पुलिस कमिश्नर ए सतीश गणेश ने कमिश्नरेट में रहने वाले लोगों से अपील की है कि कोविड-19 के नाम पर मददगार बन कर ऑनलाइन धोखा देने वाले लोगों से सावधान रहें। सोशल मीडिया के माध्यम से ऐसे धोखेबाजों से बचने के लिए उचित प्रमाणीकरण और सत्यापन हमेशा आवश्यक होता है। जो भी कोई पैसे के भुगतान के लिए कहे उससे उसका सीआईएन/टिन/जीएसटी नंबर व व्यावसायिक नाम जरूर पूछें। सरकारी पोर्टल पर जाकर जीएसटी को सत्यापित भी करें। व्यवसाय की प्रकृति, पेशकश किए जा रहे उत्पादों और सेवाओं से मेल खाना चाहिए। किसी के साथ भी ऑनलाइन जालसाजी हो तो तत्काल अपने खाते बसे संबंधित बैंक के कस्टमर केयर नंबर और पुलिस से संपर्क जरूर करें। आभासी दुनिया में अतिरिक्त सतर्कता ही हमारी सुरक्षा का सबसे सशक्त उपाय है।