वॉशिंग लाइन में अब महज दस मिनट में ही ट्रेनों की सफाई हो जाएगी। इस दौरान ट्रेनों की साफ सफाई में खर्च होने वाले पानी की भी काफी बचत होगी। अभी एक कोच की धुलाई में औसतन एक हजार लीटर पानी खर्च होता है लेकिन वाराणसी के मंडुवाडीह कोचिंग डिपो में पूर्वोत्तर रेलवे के पहले ऑटोमेटिक कोच वाशिंग प्लांट का कार्य शुरू होने से अब एक कोच की धुलाई में सौ लीटर ही पानी खर्च होगा।
रेलमंत्री पीयूष गोयल ने किया ट्वीट
वाराणसी के मंडुवाडीह कोचिंग डिपो में पूर्वोत्तर रेलवे के पहले ऑटोमेटिक कोच वाशिंग प्लांट का कार्य शुरू हो गया है। प्लांट से ट्रेन के कोचों की धुलाई में लगने वाले समय में कमी आएगी। साथ ही इससे पानी की बचत भी होगी। इस पर निगरानी के लिए प्लांट में सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं। रेलमंत्री पीयूष गोयल ने ट्वीट कर मंगलवार को यह जानकारी दी।