कक्षा 9 से 12 तक के छात्र-छात्राओं को छात्रवृत्ति देने की अमर उजाला फाउंडेशन की पहल सराहनीय है। परीक्षा के माध्यम से विद्यार्थियों का चयन करने से विद्यार्थियों को भी बहुत कुछ सीखने का मौका मिलता है। -अमित मौर्य, वाइस चेयरमैन, अशोका इंस्टीट्यूट
परीक्षा फाॅर्म भरने के बाद से तैयारी चल रही थी। पेपर बहुत अच्छा रहा। सभी सवालों का जवाब दिए। अच्छे नंबर पाकर छात्रवृत्ति पाने वालों की सूची में नाम दर्ज कराने का सपना है। -प्रिया वर्मा, चुनार
अमर उजाला की छात्रवृत्ति परीक्षा की जानकारी समाचार पत्र से मिली। इसके बाद ऑनलाइन फाॅर्म भरने के बाद से परीक्षा की तैयारी शुरू कर दी थी। पेपर बहुत अच्छा हुआ। -सरवर, ओदार वाराणसी
ओएमआर शीट पर पहली बार परीक्षा देने की बात सुनकर बहुत डर लग रहा था। पेपर देने के दौरान किसी तरह की परेशानी नहीं हुई। इस तरह की परीक्षा देने के बाद बहुत कुछ जानकारी मिली। -अंजलि, मिर्जापुर
परीक्षा देने के लिए सुबह 7 बजे से ही केंद्र पर आ गए थे। पहली बार छात्रवृत्ति के लिए परीक्षा देने का अपना अलग अनुभव हुआ। पेपर में सभी सवालों का जवाब अच्छे से लिखा है। -अनमोल यादव, जौनपुर
दृष्टिबाधितों ने भी दिखाया दम
बांदा में दृष्टिहीनों में भी अतुल माहेश्वरी छात्रवृत्ति परीक्षा को लेकर काफी उत्साह देखने को मिला। वे अपने साथ राइटर लेकर आए थे। परीक्षा में शामिल होने के बाद दृष्टिबाधित रोहित ने कहा, ‘पेपर अच्छा हुआ। हमें इस परीक्षा का इंतजार रहता है। ऐसी परीक्षाएं आगे बढ़ने में हमेशा ही सहायक साबित होती हैं।’