पीएफआई पर हो रही कार्रवाई के बीच जुमे की नमाज को देखते हुए पुलिस ने अतिरिक्त सतर्कता बरती। संवेदनशील इलाकों में पुलिस ने गश्त किया। वरुणा जोन के सरैया, पुरानापुल, कोनिया, जैतपुरा, आदमपुर, पठानीटोला, पीलीकोठी में एडीसीपी प्रबल प्रताप सिंह ने रूट मार्च किया। उधर, काशी जोन में भी भेलूपुर, बजरडीहा, मदनपुरा और गोदौलिया में पुलिस सतर्क रही। कचहरी में भी सुरक्षा प्रभारी की ओर से निगरानी बढ़ाई गई थी।
वाराणसी के आदमपुर और जैतपुरा से उठाए गए पीएफआई के संदिग्ध तीन कार्यकर्ताओं से एनआईए और एटीएस की टीम ने 20 घंटे से अधिक देर तक पूछताछ की। देर रात तीनों को छोड़ा गया। टीम ने इस दौरान उनके मोबाइल कॉल डिटेल और उनके परिचितों के बारे में जानकारी खंगाली।
संतुष्ट होने के बाद तीनों को छोड़ा गया। देर रात ही टीम सिगरा के लल्लापुरा में भी धमकी थी। हालांकि यहां से किसी को उठाया नहीं गया। एनआईए की टीम ने तीनों परिवार के लोगों से उनका नाम, पता और मोबाइल नंबर लेने के साथ ही रिश्तेदारों के बारे में जानकारियां जुटाई।
पहले से ही आजमगढ़ के सरायमीर सहित अन्य क्षेत्रों में पीएफआई की सक्रियता की इनपुट मिलते रहे हैं। गाजीपुर, मिर्जापुर, भदोही, चंदौली समेत आसपास जिलों में संगठन के सदस्यों के बारे में जानकारियां एकत्रित की जा रही हैं। सुरक्षा एजेंसी से जुड़े एक अधिकारी के अनुसार वाराणसी में विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश मिले हैं, ज्ञानवापी प्रकरण मुख्य कारण है।