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ATS Raid: वाराणसी में PFI सदस्यों ने CAA-NRC के विरोध में बवाल को दी थी हवा, आरोपियों की खंगाली जा रही कुंडली

Fri, 23 Sep 2022 10:40 PM IST
उत्पल कांत न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी

सार

वाराणसी में तीन साल पूर्व सीएए-एनआरसी बवाल में चिह्नित 40 से अधिक सदस्यों की कुंडली एक बार फिर से खंगाली जा रही है। पुलिस की तफ्तीश में सामने आया था कि बवाल को हवा देने में पीएफआई की अहम भूमिका थी।
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सीएए-एनआरसी के विरोध में बनारस में हुआ था भारी बवाल (फाइल) - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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पीएफआई के सक्रिय सदस्यों के बारे में वाराणसी कमिश्नरेट और ग्रामीण पुलिस जानकारियां जुटा रही है। तीन साल पूर्व सीएए-एनआरसी बवाल में चिह्नित 40 से अधिक सदस्यों की कुंडली एक बार फिर से खंगाली जा रही है। पता लगाया जा रहा है कि मौजूदा समय में उन सदस्यों की गतिविधियां क्या हैं। पुलिस की तफ्तीश में सामने आया था कि बवाल को हवा देने में पीएफआई की अहम भूमिका थी। सदस्यों ने बवाल को लेकर बकायदा फंडिंग तक की थी।

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भेलूपुर के बजरडीहा और चेतगंज के बेनिया में सीएए-एनआरसी के विरोध में उपजे बवाल के दौरान 24 आरोपियों के पोस्टर भी पुलिस ने जारी किए थे, इसमें अधिकतर पीएफआई के सदस्य बताए गए थे। हालांकि उन सभी आरोपियों को कोर्ट से बाद में राहत मिल गई थी। 20 दिसंबर 2019 को बजरडीहा में हुए बवाल के दौरान आठ साल के बच्चे की मौत हो गई थी।

एलआईयू और पुलिस अलर्ट

इस मामले में कई आरोपी गिरफ्तार किए गए थे। वहीं, बजरडीहा मामले में साल भर पूर्व तक 29 आरोपियों के खिलाफ गैर जमानती वारंट भी जारी किया गया था। अभिसूचना इकाई और स्थानीय पुलिस को अलर्ट किया गया है कि पता लगाएं कि उस दौरान आरोपी बनाए गए युवकों की वर्तमान में क्या गतिविधि है।

जुमे की नमाज को लेकर रही विशेष सतर्कता

पीएफआई पर हो रही कार्रवाई के बीच जुमे की नमाज को देखते हुए पुलिस ने अतिरिक्त सतर्कता बरती। संवेदनशील इलाकों में पुलिस ने गश्त किया। वरुणा जोन के सरैया, पुरानापुल, कोनिया, जैतपुरा, आदमपुर, पठानीटोला, पीलीकोठी में एडीसीपी प्रबल प्रताप सिंह ने रूट मार्च किया। उधर, काशी जोन में भी भेलूपुर, बजरडीहा, मदनपुरा और गोदौलिया में पुलिस सतर्क रही। कचहरी में भी सुरक्षा प्रभारी की ओर से निगरानी बढ़ाई गई थी।

तीन संदिग्धों से 20 घंटे से अधिक पूछताछ

वाराणसी के आदमपुर और जैतपुरा से उठाए गए पीएफआई के संदिग्ध तीन कार्यकर्ताओं से एनआईए और एटीएस की टीम ने 20 घंटे से अधिक देर तक पूछताछ की। देर रात तीनों को छोड़ा गया। टीम ने इस दौरान उनके मोबाइल कॉल डिटेल और उनके परिचितों के बारे में जानकारी खंगाली।

संतुष्ट होने के बाद तीनों को छोड़ा गया। देर रात ही टीम सिगरा के लल्लापुरा में भी धमकी थी। हालांकि यहां से किसी को उठाया नहीं गया। एनआईए की टीम ने तीनों परिवार के लोगों से उनका नाम, पता और मोबाइल नंबर लेने के साथ ही रिश्तेदारों के बारे में जानकारियां जुटाई।

बनारस समेत पूर्वांचल में ATS की पैनी नजर

पीएफआई के सक्रिय सदस्यों की कुंडली खंगालने के साथ ही उनके मूवमेंट पर एटीएस वाराणसी यूनिट ने नजर गड़ा दी है। बनारस समेत पूर्वांचल के अन्य जिलों में एटीएस की पैनी नजर है। खास कर आजमगढ़ और मऊ में एटीएस ने अपने लोकल इंटेलिजेंस को अलर्ट किया।
पढ़ें: वाराणसी में PFI के संदिग्ध तीन कार्यकर्ताओं को NIA ने उठाया, गुप्त स्थान पर की जा रही पूछताछ
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पहले से ही आजमगढ़ के सरायमीर सहित अन्य क्षेत्रों में पीएफआई की सक्रियता की इनपुट मिलते रहे हैं। गाजीपुर, मिर्जापुर, भदोही, चंदौली समेत आसपास जिलों में संगठन के सदस्यों के बारे में जानकारियां एकत्रित की जा रही हैं। सुरक्षा एजेंसी से जुड़े एक अधिकारी के अनुसार वाराणसी में विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश मिले हैं, ज्ञानवापी प्रकरण मुख्य कारण है।
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