पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी का अस्थि कलश अब 25 अगस्त को काशी आएगा। इससे पहले 24 को लखनऊ पहुंचेगा। उसी दिन वहां से यात्रा काशी के लिए रवाना हो जाएगी, जो 25 को दशाश्वमेध घाट पहुंचेगी। इसकी तैयारियों को लेकर सोमवार को गुलाब बाग स्थित भाजपा के क्षेत्रीय कार्यालय में बैठक हुई। आगे की स्लाइड्स में देखें...
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गंगा में प्रवाहित की गई अटलजी की अस्थियां
इसमें तय हुआ कि यात्रा मार्ग में पड़ने वाले घरों की छतों से गुलाब की पंखुडि़यों की वर्षा की जाएगी। इस यात्रा में सभी जनप्रतिनिधि पैदल ही आगे-आगे चलेंगे। प्रदेश प्रवक्ता अशोक पांडेय ने बताया कि पहले इस यात्रा को 22 को आने की सूचना थी। अब फिलहाल 25 को आने की जानकारी है। इसके लिए प्रदेश स्तर से कार्यक्रम जारी किया जाएगा।
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atal bihari vajpayee
क्षेत्रीय अध्यक्ष महेश चंद्र श्रीवास्तव 24 अगस्त को अमेठी में कलश को ग्रहणकर बनारस लेकर आएंगे। जोनपुर में रात्रि विश्राम के बाद कलश यात्रा 25 को काशी राजेंद्र प्रसाद घाट पर आएगी। यात्रा के दौरान मशीन से गुलाब की पंखुडि़यों की वर्षा की जाएगी। पार्टी की ओर से सभी जनप्रतिनिधियों को इस कार्यक्रम में रहने के लिए दिशा निर्देश दिया गया है।
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पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी बाजपेयी
बनारस के दशाश्वमेध घाट पर गंगा में अस्थियों के फूल को विसर्जित किया जाएगा। बनारस में प्रदेश अध्यक्ष डा. महेंद्र नाथ पांडेय, इलाहाबाद में उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य, मिर्जापुर में केंद्रीय मंत्री अनुप्रिया पटेल के रहने की संभावना जताई जा रही है।
बनारस की सीमा में प्रवेश करते हुए काशी क्षेत्र के पदाधिकारी कलश को लेंगे और दशाश्वेध घाट तक ले जाएंगे। सुबह 10 से 11 के बीच कलश आने की संभावना है। हर चट्टी चौराहे पर कलश को श्रद्धांजलि दी जाएगी। इसके लिए सभी पदाधिकारियों और जनप्रतिनिधियों को जिम्मेदारी सौंपी गई है।