वाराणसी(ब्यूरो)। गंगा घाटों और पक्के महाल में बिजली के लटकते तार हटाए जाएंगे। बिजली के हाईटेंशन और वितरण केबल को पूरी तरह भूमिगत किया जाएगा। टेलीफोन की तरह जगह-जगह बाक्स बनाकर वहां से घरों को विद्युत आपूर्ति दी जाएगी।
शहर के आसपास के गांवों का पूर्ण विद्युतीकरण किया जाएगा। केंद्रीय ऊर्जा मंत्रालय के संयुक्त सचिव बीएन शर्मा ने इसका प्रस्ताव भेजने को कहा है। पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम मुख्यालय सभागार में बुधवार को समीक्षा बैठक में उन्होंने प्राचीन शहर में ई रिक्शा चलाने की योजना बनाने को कहा।
पूर्वांचल के 29 नगरों में चल रहे संशोधित त्वरित विद्युत सुधार एवं विकास परियोजना के कार्यों की समीक्षा के दौरान संयुक्त सचिव ने कहा कि वाराणसी पर्यटन का केंद्र है।
सैलानी पुराने शहर और घाटों के आकर्षण में यहां खिंचे चले आते हैं। इसको देखकर साढ़े आठ मीटर लंबे गंगा घाट के दो किलोमीटर चौड़ाई के दायरे में आने वाले सभी विद्युत तारों को भूमिगत किया जाए ताकि शहर सुंदर लगे। भूमिगत केबल के जरिए ही शहर की 36 हजार स्ट्रीट लाइट्स का भी कनेक्शन किया जाना चाहिए।