नदी को स्वच्छ बनाकर दोनों किनारों पर विकसित की जाएगी हरियाली
असि नदी के पुनरुद्धार को स्मार्ट सिटी योजना के पहले चरण की डीपीआर में शामिल कर लिया गया है। यह अस्तित्व के संकट से जूझ रही असि नदी के पुनर्जीवन के लिए एक अहम कदम माना जा रहा है।
इसके तहत न सिर्फ असि नदी को स्वच्छ किया जाएगा बल्कि दोनों किनारे हरियाली भी विकसित की जाएगी। दोनों किनारों पर ग्रीन बेल्ट के अलावा पर्यावरण और पर्यटन के नजरिए से उन्हें संवारा जाएगा।
स्मार्ट सिटी से जुड़े अधिकारियों के मुताबिक डीपीआर के बाद जब इस पर काम शुरू होगा तब सबसे पहले असि के जल को स्वच्छ करने की पहल होगी।
असि को स्वच्छ कर उसे नया जीवन देने के इस कार्य के लिए एक कंपनी का भी चयन कर लिया गया है।
कंपनी कंदवा से लेकर अस्सी घाट तक इस नदी के जल को पहले साफ करेगी। साथ ही, अतिक्रमण, अवैध निर्माण हटाए जाएंगे और सीवेज गिरने से रोका जाएगा ताकि काशी की इस प्राचीन नदी को जीवंत कर शहर के बीच से बहने वाली इस जलधारा को निंरतर किया जाए।
इससे न सिर्फ शहर सुंदर दिखेगा बल्कि जल और पर्यावरण संरक्षण में भी बड़ी मदद मिलेगी। कंदवा से लेकर अस्सी तक तकरीबन 10 किमी लंबी यह नगर निगम और प्रशासनिक अदूरदर्शिता के चलते नाले में तब्दील हो गई है। नदी की तलहटी तक कब्जा ली गई।
अपनी आकांक्षाओं को पूरा करने के लिए लोग बसते गए और जिम्मेदार सोते रहे। नदी कंदवा से निकलकर चितईपुर, डीरेका, सुंदरपुर, साकेत नगर, नगवा और अस्सी घाट पर गंगा में मिलती है।