पैसों के लालच में मरीज को अस्पताल नहीं ले गईं, घर में कराई डिलीवरी, परिजनों से ली मोटी रकम
संवाद न्यूज एजेंसी
चिरईगांव। चिरईगांव पीएचसी क्षेत्र के ग्राम पंचायत बराईं की 22 वर्षीय प्रसूता चांदनी (पत्नी अशोक राजभर) की प्रसव के बाद आशा और रिटायर्ड एएनएम की लापरवाही से मौत हो गई। स्वास्थ्य अधिकारियों की जांच और ऑडिट रिपोर्ट में सामने आया है कि लालच में पड़कर महिला की अकुशल तरीके से डिलीवरी कराई गई, जिसके कारण प्रसूता की डिलीवरी के कुछ ही देर बाद मौत हो गई।
पीएचसी प्रभारी डॉ. मनोज कुमार वर्मा द्वारा कराई गई जांच में सामने आया कि गांव की आशा कार्यकर्त्री रेखा राजभर और मातृ-शिशु कल्याण उपकेंद्र बराईं की रिटायर्ड एएनएम अनीता पाल ने मिलकर प्रसव कराया था। जबकि प्रसूता की गर्भावस्था के दौरान सभी आवश्यक जांचें आशा द्वारा कराई गई थीं। बीते 16 मार्च को प्रसव पीड़ा होने पर महिला को सीएचसी नरपतपुर या पीएचसी में संस्थागत प्रसव के लिए ले जाने के बजाय आशा उसे डुबकियां बाजार स्थित रिटायर्ड एएनएम के निजी आवास पर ले गई। वहीं पर दोनों ने मिलकर डिलीवरी कराई। इस बाबत महिला के ससुराल वालों से डिलीवरी के पैसे भी लिए गए थे, जिसमें आशा का भी बड़ा हिस्सा था।
डिलीवरी के कुछ ही समय बाद प्रसूता को अत्यधिक रक्तस्राव होने लगा। इसके बावजूद उसे किसी कुशल चिकित्सक के पास ले जाने के बजाय स्वयं ही उपचार किया गया। हालत बिगड़ने पर कुछ घंटों के भीतर ही प्रसूता की मौत हो गई, जबकि नवजात बच्ची सुरक्षित है। इस बाबत पीएचसी प्रभारी डॉ. मनोज कुमार वर्मा ने बताया कि गर्भवती महिलाओं की डिलीवरी डेथ के ऑडिट के दौरान यह मामला प्रकाश में आया है। जांच में प्रसव कक्ष में गंदगी, टूटा हुआ बेड, गंदी चादर और लापरवाही सामने आई है। पूरे प्रकरण में आशा और रिटायर्ड एएनएम की मिलीभगत से घटना हुई है। आशा कार्यकर्त्री के विरुद्ध कार्रवाई की जा रही है तथा पूरे प्रकरण की रिपोर्ट उच्चाधिकारियों को भेजी जा रही है।