देश-दुनियों के लाखों श्रद्धालुओं, सैलानियों के आकर्षण का केंद्र सारनाथ के धमेख स्तूप को संवारने की योजना जल्द परवान चढ़ेगी। विशेष प्रकाश संयोजन से यह स्तूप रात में सितारों सा चमकेगा। आर्किटेक्ट लाइटिंग की इस योजना पर काम जल्द शुरू कराने के संकेत केंद्रीय पर्यटन मंत्रालय ने दिए हैं। महीने भर में काम शुरू करा दिया जाएगा। इस प्रोजेक्ट पर तीन करोड़ रुपये खर्च होंगे। पांच महीने में यह काम पूरा हो जाएगा।
धमेख स्तूप के अलावा काशी के अन्य प्रमुख पुरातात्विक स्थलों के लिए भी आर्किटेक्ट लाइटिंग की योजना पर काम जल्द शुरू कराया जाएगा। इन पुरातात्विक स्थलों में चौखंडी, लाल खां का रौजा और मानमहल शामिल हैं। पर्यटकों को ज्यादा समय तक रोकने के लिए लगातार प्रयास चल रहे हैं। प्रयास है कि कम से कम दो रात पर्यटक यहां गुजारें। इसी क्रम में वाराणसी के प्रमुख पुरातात्विक स्थलों पर विशेष प्रकाश संयोजन की व्यवस्था की जानी है।
इसकी तीन करोड़ की योजना पूर्व में बनाकर भेज दी गई थी। जिसे सैद्धांतिक मंजूरी पहले ही मिल गई थी। अब मंत्रालय की पहल पर विभाग की ओर से रिमाइंडर भेजा गया है। मंत्रालय के दिशा-निर्देश के आधार पर जल्द ही काम शुरू कराया जाएगा। इस कार्य को पूरा होने में कम से कम पांच महीने लगेंगे। पहले धमेख स्तूप पर काम शुरू होगा। उसके बाद दूसरे पुरातात्विक स्थलों पर भी लाइटिंग की जाएगी।