महाशिवरात्रि पर काशी विश्वनाथ मंदिर में उमड़ने वाली भीड़ को देखते हुए जिला प्रशासन ने इस दिन के लिए नई व्यवस्था लागू की है। इस दिन मंदिर में होने वाली मंगला आरती में केवल 300 श्रद्धालुओं को ही शामिल होने का मौका मिलेगा। मंगला आरती के टिकट के लिए उन्हें 1251 रुपये का भुगतान करना होगा।
आम दिनों में यह टिकट 251 रुपये में ही मिलता है। बुधवार को कमिश्नरी सभागार में कार्यपालक समिति की बैठक में यह फैसला हुआ। कमिश्नर नितिन रमेश गोकर्ण की अध्यक्षता में हुई बैठक में महाशिवरात्रि पर सुरक्षा संबंधी अन्य पहलुओं पर चर्चा की गई। मुख्य कार्यपालक अधिकारी एमपी सिंह ने बताया कि महाशिवरात्रि के दिन भोर में साढ़े तीन बजे मंगला आरती के बाद कपाट खुल जाएगा।
इसके बाद श्रद्धालु बाबा का दर्शन-पूजन कर सकेंगे। अहम यह है कि शाम पांच बजे से सात बजे तक ही वीआईपी लोग दर्शन कर सकेंगे। बताया कि आम दिनों में 251 रुपये में मिलने वाला मंगला आरती का टिकट शिवरात्रि के दिन 1251 रुपये में मिलेगा। श्रद्धालुओं की सुविधा को देखते हुए केवल 300 टिकट ही मिलेगा।
ऐसे में श्रद्धालु आरती के लिए छह मार्च रात नौ बजे तक टिकट की बुकिंग करा सकते हैं। इसके बाद कोई बुकिंग नहीं होगी। एक पहचान पत्र पर केवल दो टिकट ही दिया जाएगा। सुरक्षा के दृष्टिकोण से श्रद्धालुओं को मिट्टी एवं थर्माकोल के बर्तन में जल ले जाने पर मनाही है। श्रद्धालुओं को चाहिए कि पीतल, तांबे के छोटे खुले पात्र में ही जल लेकर जाएं। बताया कि रुद्राभिषेक कराने वालों को भी छह मार्च की रात नौ बजे तक ही टिकट मिल पाएगा।