Varanasi News: वाराणसी में आयोजित स्वरांजली का समापन विदुषी सविता देवी की वरिष्ठ शिष्या एवं काशी की वरिष्ठ उपशास्त्रीय कलाकार सुचरिता गुप्ता के भावपूर्ण उपशास्त्रीय गायन से हुआ।
बनारस घराने की प्रख्यात गायिका गुरु विदुषी सविता देवी के जन्मदिवस की पूर्व संध्या पर दो दिवसीय स्वरांजलि का आयोजन हुआ। शनिवार को अस्सी घाट के मुक्ताकाशीय मंच पर सविता देवी की स्मृति में आयोजित सांगीतिक कार्यक्रम में उनके शिष्यों और बनारस घराने के कलाकारों ने अपनी प्रस्तुतियों से श्रद्धा सुमन अर्पित किए।
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शनिवार को विदुषी पद्मश्री श्रीमती सिद्धेश्वरी देवी एकेडमी दिल्ली की ओर से आयोजित स्वरांजलि की शुरुआत सविता देवी की शिष्या श्वेता दूबे ने राग देस में निबद्ध ठुमरी काहे पिया मोसे करत ढिढोरी...के बाद दादरा मान मोर कहनवा...सुनाया।
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स्वरांजली का समापन विदुषी सविता देवी की वरिष्ठ शिष्या एवं काशी की वरिष्ठ उपशास्त्रीय कलाकार सुचरिता गुप्ता के भावपूर्ण उपशास्त्रीय गायन से हुआ। उन्होंने गुरु को समर्पित ठुमरी माननि ना मानत मनाए... के बाद अपनी नानी गुरु मां विदुषी सिद्धेश्वरी की प्रिय चैती रात हम देखली सपनवा हो रामा... सुनाया। उन्होंने समापन दादरा दगाबाज तोरी बतिया ना मानू रे...से किया।
कार्यक्रम का शुभारंभ एकेडमी के अध्यक्ष एवं विदुषी सविता देवी के पुत्र अजय महाराज तथा अंजना महाराज एवं अतिथियों ने विदुषी सविता देवी के चित्र पर माल्यार्पण से किया। इस दौरान मनीष द्विवेदी, दीपाली द्विवेदी, डॉ. प्रीतेश आचार्य, पंडित ललित कुमार, धर्मनाथ मिश्र मौजूद रहे।